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कार पर लाखों खर्च, सेवानिवृत्त कर्मचारी को बकाया नहीं : हाईकोर्ट ने एमडी को लगाई फटकार,पेश होने के आदेश

जयपुर, 17 सितम्बर 2025

राजस्थान हाईकोर्ट ने कोर्ट आदेश के बाद भी एक सेवानिवृत्त कर्मचारी का बकाया भुगतान नहीं करने पर राजस्थान राज्य बुनकर सहकारी संघ लिमिटेड, जयपुर के प्रबंध निदेशक को कड़ी फटकार लगाई है।

हाईकोर्ट ने प्रबंध निदेशक महावीर प्रसाद मीणा द्वारा दायर अतिरिक्त हलफनामे में दी गई जानकारी पर हैरानी जताते हुए कहा कि संघ के खाते में पर्याप्त धनराशि होने के बावजूद सेवानिवृत्त कर्मचारी को समय पर बकाया वेतन का भुगतान क्यों नहीं किया गया।

कार के रखरखाव पर 9.5 लाख खर्च

हाईकोर्ट ने इस बात पर हैरानी जताई कि संघ ने वित्तीय वर्ष में सिर्फ कार के रखरखाव पर ही 9.55 लाख रुपये खर्च कर दिए और दीपावली पर 1.49 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन कर्मचारी का बकाया भुगतान नहीं किया गया।

जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल की एकलपीठ ने कहा कि सेवानिवृत्त याचिकाकर्ता को ग्रेच्युटी दो वर्ष की देरी से, बकाया वेतन दो वर्ष से भी अधिक समय बाद और अवकाश की राशि का आंशिक भुगतान सेवानिवृत्ति के चार वर्ष बाद भी नहीं किया गया।

हाईकोर्ट ने कहा कि केवल सहकारी संघ को हानि होने का कारण बताकर किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी का बकाया वेतन नहीं रोका जा सकता।

कोर्ट में पेश होने के आदेश

संघ के खाते में पर्याप्त राशि होने के बावजूद भी सेवानिवृत्त कर्मचारी का बकाया भुगतान 10 साल बाद भी नहीं करने और उसका उचित कारण न बताने पर हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है।

हाईकोर्ट ने अब संघ के एमडी को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से या फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होकर बकाया भुगतान में हुई देरी का कारण बताने को कहा है।

हाईकोर्ट ने संघ के एमडी को 24 सितम्बर को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।

शपथपत्र में पेश किया विवरण

सेवानिवृत्त कर्मचारी का बकाया भुगतान नहीं होने पर पूर्व में राजस्थान हाईकोर्ट ने संघ के प्रबंध निदेशक को शपथपत्र पेश कर संपूर्ण आय-व्यय का ब्यौरा देने का आदेश दिया था।

प्रबंध निदेशक महावीर प्रसाद मीणा द्वारा पेश किए गए शपथपत्र में सामने आया कि राजस्थान राज्य बुनकर सहकारी संघ लिमिटेड, जयपुर के खाते में 135.5 लाख रुपये की राशि जमा है।

शपथपत्र में यह भी खुलासा हुआ कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में संघ ने सिर्फ कार के रखरखाव पर ही 9,55,062 रुपये खर्च किए। यहां तक कि संघ ने दीपावली पर साज-सज्जा में ही ₹1,49,371 खर्च कर दिए। इसके अलावा कर्मचारियों के वेतन और अन्य भत्तों पर ₹2,20,32,659 का व्यय किया गया।

इसके बावजूद शपथपत्र में यह नहीं बताया गया कि एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के बकाया भुगतान पर ब्याज क्यों नहीं दिया गया।

क्या है मामला

याचिकाकर्ता अजीत सिंह कटियार राजस्थान राज्य बुनकर सहकारी संघ लिमिटेड, जयपुर से 30 सितम्बर 2015 को सेवानिवृत्त हुए।

सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले परिलाभों के साथ ही उनके अवकाश नकदी सहित अन्य लाभ का भुगतान नहीं किया गया।

10 वर्ष का समय बीतने के बावजूद बकाया वेतन और लाभ का भुगतान नहीं करने पर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

हाईकोर्ट ने इस मामले में संघ के एमडी को शपथपत्र पेश कर यह बताने को कहा कि अब तक याचिकाकर्ता का बकाया भुगतान क्यों नहीं किया गया।

एमडी से मांगे गए शपथपत्र में कोर्ट ने वित्तीय वर्ष का संपूर्ण विवरण पेश करने का आदेश दिया था।

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