जयपुर, 17 सितम्बर
राजस्थान हाईकोर्ट ने लंदन स्थित ग्रेन एंड फीड ट्रेड एसोसिएशन (GAFTA) द्वारा 28 सितम्बर 2021 को पारित किए गए विदेशी आर्बिट्रेशन अवॉर्ड को मान्यता देते हुए उसे अदालत की डिक्री (Decree of Court) घोषित कर दिया है.
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस अनुप कुमार ढंड की एकलपीठ ने अपने रिपोर्टेबल जजमेंट में स्प/ट किया है कि यह अवॉर्ड अब पक्षकारों पर बाध्यकारी है और इसे भारत में लागू व निष्पादित किया जा सकता है।
यह आदेश Kingsroad Handelsges M.B.H, AM Heumarkt की दाय याचिका पर दिया गया हैं.
Kingsroad Handelsges ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर GAFTA के अवार्ड को लागू करने और Raj Grow Impex की चल एवं अचल संपत्तियों को संलग्न कर उनकी बिक्री कराने का अनुरोध किया.
जिससे GAFTA, लंदन द्वारा 28 सितंबर 2021 को पारित अवॉर्ड की राशि की वसूली की जा सके.
लड़ाई जीती लेकिन युद्ध हारा
राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने फैसले में टिप्पणी करते हुए कहा कि एक पक्ष आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल और अपीलीय ट्रिब्यूनल में जीत हासिल कर लेता है और उसे अवॉर्ड के रूप में राहत भी मिल जाती है.
लेकिन भारत में उस अवॉर्ड को लागू कराने में गंभीर अड़चनें आती हैं.
हाईकोर्ट ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या अवॉर्ड होल्डर को लंबी कानूनी लड़ाई जीतने के बाद भी अवॉर्ड का वास्तविक लाभ लेने से वंचित किया जा सकता है?
हाईकोर्ट ने दूसरे सवाल के रूप में कहा कि क्या किसी विदेशी ट्रिब्यूनल द्वारा पारित अवॉर्ड भारत में लागू किया जा सकता है या नहीं?
हाईकोर्ट ने कहा कि कि अगर कोई पक्ष आर्बिट्रेशन अवॉर्ड जीतता है, तो उसे ऐसा महसूस नहीं होना चाहिए कि उसने केवल “लड़ाई जीती” लेकिन “युद्ध हार गया।” इसलिए अदालत के समक्ष यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि विदेशी ट्रिब्यूनल का वैध अवॉर्ड भारत में भी लागू और प्रवर्तित हो सके.
ये हैं मामला
वियना कि Kingsroad Handelsges M.B.H और जयपुर कि Raj Grow Impex LLP के बीच पीले मटर के व्यापार में भुगतान को लेकर विवाद होने पर GAFTA, लंदन के बोर्ड ऑफ अपील में आर्बिट्रेशन किया गया.
GAFTA ने इस मामले में 28 सितंबर 2021 को अवॉर्ड पारित किया.
इस अवार्ड के अनुसार जयपुर कि Raj Grow Impex LLP को आदेश दिया कि वह Kingsroad Handelsges M.B.H, AM Heumarkt को यूएसडी 9,99,382.28 यानी भारतीय मुद्रा में ₹7,63,72,794 करोड़ ब्याज सहित अदा करें.
इसके साथ ही Raj Grow Impex को आदेश दिया कि वह इस पुरे मुकदमें का व्यय भी वहन करें.
हाईकोर्ट का आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि इस मामले के प्रतिवादी द्वारा उठाई गई आपत्तियों में कोई दम नहीं है, इसलिए उन्हें खारिज किया जाता है.
हाईकोर्ट ने कहा कि आर्बिट्रेशन एंड कंसिलिएशन एक्ट, 1996 की धारा 49 के तहत जब अदालत किसी विदेशी अवॉर्ड को प्रवर्तनीय मान लेती है तो वह अवॉर्ड उसी अदालत का डिक्री आदेश माना जाता है.
हाईकोर्ट ने कहा कि इस आधार पर GAFTA का यह अवॉर्ड अब राजस्थान हाईकोर्ट का डिक्री माना जाएगा और इसके तहत याचिकाकर्ता अब कानून के अनुसार इस डिक्री की तरह अवॉर्ड को निष्पादित कर सकता है.
संपत्ति का खुलासा करने का आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट ने इसके साथ मामले के प्रतिवादी Raj Grow Impex LLP को आदेश दिया हैं कि वह छह सप्ताह के भीतर अपनी संपत्तियों का विवरण शपथ-पत्र के रूप में पेश करें.
हाईकोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ता Kingsroad Handelsges M.B.H को यह स्वतंत्रता दी है कि वह अवार्ड के निष्पादन के लिए आगे की कार्यवाही कर सकता हैं.
राजस्थान हाईकोर्ट के इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि GAFTA का विदेशी आर्बिट्रेशन अवॉर्ड अब भारत में वैध व लागू है और याचिकाकर्ता इसे अदालत की डिक्री की तरह प्रवर्तित कर सकता