जोधपुर, 19 सितंबर
राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर शहर में संचालित स्पा और मसाज सेंटरों को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार से स्पष्ट दिशा-निर्देश और नीतियाँ बनाने पर विचार करने के लिए कहा है।
हाईकोर्ट ने माना कि दिशा-निर्देशों की कमी के कारण इस क्षेत्र में काम करने वाले संचालकों को अनावश्यक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है।
जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस बिपिन गुप्ता ने यह आदेश एक मसाज सेंटर की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
याचिका में अधिवक्ता हर्ष गुप्ता और अधिवक्ता महेंद्र कुमार गुर्जर ने तर्क दिया कि स्पा और मसाज सेंटर संचालकों को अक्सर अधिकारियों द्वारा बेवजह परेशान किया जाता है, जिससे उनकी आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
याचिका में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला दिया गया, जिसमें ऐसी गतिविधियों को नियंत्रित और विनियमित करने के लिए दिशा-निर्देश बनाने की आवश्यकता बताई गई थी।
इसके साथ ही दिल्ली और महाराष्ट्र सरकारों द्वारा जारी नीतियों का भी उल्लेख किया गया।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से पेश हुए अधिवक्ता से सरकार का रुख स्पष्ट करने को कहा।
सरकारी अधिवक्ता ने आश्वासन दिया कि सरकार अन्य राज्यों में लागू नीतियों का अध्ययन करेगी और राजस्थान के लिए उपयुक्त दिशा-निर्देश तैयार करने पर विचार करेगी।
इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 15 अक्टूबर तय की गई है।