बीकानेर, 20 सितंबर
सीजेआई बी आर गवंई के बीकानेर दौरे के दौरान अधिवक्ताओं की नारेबाजी का सामना करना पड़ा हैं.
सीजेआई बी आर गवंई आज बीकानेर में संविधान के 75 वें साल और डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान में योगदान विषय पर आयोजित सेमिनार में शामिल हुए थे.
मुख्य अतिथी के रूप में उन्होने सम्मेलन को संबोधित किया.
अपने संबोधन में बीकानेर के लिए हाईकोर्ट बेंच से जुड़ी कोई घोषणा नहीं होने पर अधिवक्ताओं ने नारे बाजी शुरू कर दी.

हॉल में ही अधिवक्ताओं ने सीजेआई के सामने हाईकोर्ट बेंच की मांग करते हुए नारेबाजी करते रहे.
अधिवक्ता लगातार वी वांट हाईकोर्ट के नारे लगाते रहे.
बीकानेर के अधिवक्ताओं को उम्मीद थी कि सीजेआई अपने भाषण में बीकानेर में हाईकोर्ट बैंच की घोषणा करेंगे या फिर आश्वासन देंगे.
नए मुख्य न्यायाधीश से करेंगे चर्चा
अधिवक्ताओं की लगातार नारेबाजी के चलते मुख्य न्यायाधीश बी आर गवंई को फिर से माईक पर आना पड़ा.
सीजेआई ने बाद में सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बीकानेर में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव देना होगा.
सीजेआई ने कहा कि वर्तमान राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश कुछ दिन में रिटायर होने वाले हैं, ऐसे मे नए आने वाले मुख्य न्यायाधीश से राजस्थान हाईकोर्ट बैंच की बीकानेर में स्थापना के लिए बात करेंगे.
सीजेआई के इस बयान के बाद भी अधिवक्ता नारेबाजी करते रहे.
जिसके बाद बीकानेर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक शर्मा ने लगातार अधिवक्ताओं से आहवान किया.
लंबी जद्दोजहद के बाद अधिवक्ता शांत हुए.
योगदान को कोई नही भूल सकता
सेमीनार को संबोधित करते हुए सीजेआई ने कहा कि संविधान निर्माण में बाबा साहेब का योगदान कोई नहीं भूल सकता, आज पूरी दुनिया हमारे संविधान की कायल हैंं.
अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश ने पेड़ों की रक्षा के लिए अपने प्राणी की आहुति देने वाली अमृता देवी को भी याद किया.