जयपुर, 23 सितंबर
राजधानी जयपुर में 13 मई 2008 को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों से जुड़े जिंदा बम मामले में आरोपियों को मिली आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ दाखिल अपील में राज्य सरकार ने अपना जवाब हाईकोर्ट में पेश किया हैं.
जस्टिस अवनीश झिंगन और जस्टिस बीएस संधू की बेंच ने मामले में रिकॉर्ड को देखकर विस्तृत सुनवाई के लिए 13 अक्टूबर 2025 की तारीख तय की हैं.
ट्रायल कोर्ट ने अभियुक्त मोहम्मद सैफ, सैफुर्रहमान, शाहबाज हुसैन और सरवर आजमी को 8 अप्रैल 2025 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.
ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में अपील दायर कर सजा को चुनौती दी हैं.
हाईकोर्ट से दोषमुक्ति
अपील में दावा किया कि बम धमाकों में दर्जनों लोगों की मौत और कई घायल होने के बावजूद, मूल मामले से जुड़े 8 एफआईआर में हाईकोर्ट पहले ही दोषमुक्ति दे चुकी है और इनमें कोई जनहानि नहीं हुई.
अपील में कहा गया है कि अलग से सजा देने का कोई आधार नहीं है।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से पेश जवाब में कहा गया कि इस मामले की पूरी कार्रवाई अलग से की गई है और फाइल में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं.
सरकार ने सजा को सही ठहराया और अपील को खारिज करने की पैरवी की.
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को तय करते हुए सभी पक्षों को आदेश दिया कि वे संबंधित दस्तावेज और साक्ष्यों के साथ उपस्थित रहें।