जोधपुर, 25 सितम्बर।
राजस्थान हाईकोर्ट ने इनकम-टैक्स पोर्टल की तकनीकी खामियों और ऑडिट प्रक्रिया में कठिनाइयों को देखते हुए अब टैक्स ऑडिट की अंतिम तिथि बढ़ाने के लिए अंतरिम आदेश पारित किया है.
हाईकोर्ट ने वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाले केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को अधिसूचना जारी कर अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2025 करने के आदेश दिए हैं.
जस्टिस डॉ. पुष्पेन्द्रसिंह भाटी और जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने जोधपुर टैक्स बार एसोसिएशन की जनहित याचिका पर यह आदेश दिया।
टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए अजय सोनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. विकास बालिया और अधिवक्ता प्रतीक गट्टानी ने पैरवी करते हुए अदालत को बताया कि बड़ी फर्मों, ट्रस्ट, कंपनियों और व्यापारियों को सालाना ऑडिट 30 सितंबर तक पूरा करना था, जबकि केवल कुछ ही दिन बचे हैं और नवरात्र के समय के साथ यह और चुनौतीपूर्ण हो गया हैं.
याचिका में कहा गया कि देशभर में हर साल लगभग 40 लाख ऑडिट रिपोर्ट्स डेडलाइन तक फाइल की जाती हैं.
याचिका के अनुसार, 23 सितंबर तक केवल लगभग 4 लाख ऑडिट रिपोर्ट्स ही प्राप्त हुई हैं, जबकि एक सप्ताह से भी कम समय में बाकी 36 लाख रिपोर्ट्स फाइल करना नामुमकिन है.
याचिका में कहा गया कि टैक्स प्रोफेशनल्स और कारोबारी लगातार अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे थे, लेकिन अभी तक कोई प्रतिक्रिया नही दी गयी हैं.
अदालत को बताया कि आयकर विभाग की ओर से यूटिलिटी रिलीज में देरी के कारण टैक्सपेयर्स और प्रोफेशनल्स को कठिनाई का सामना करना पड़ा.
टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (फॉर्म 3सीडी) के लिए यूटिलिटी 18 जुलाई को जारी हुई और 14 अगस्त को इसमें बड़े बदलाव किए गए.
हालांकि, वैधानिक ड्यू डेट 30 सितंबर थी, जिससे करदाताओं को केवल 47 दिन का समय मिला, जबकि कानून के अनुसार 183 दिन मिलना चाहिए थे.
याचिका में यह भी बताया गया कि ऑडिट रिपोर्ट के लिए 244 दिन के बजाय केवल 135 दिन, सभी ऑडिटेड मामलों में आईटीआर के लिए 214 दिन के बजाय 112 दिन और ट्रांसफर प्राइसिंग मामलों में 244 दिन के बजाय केवल 139 दिन का समय दिया गया हैं.
बहस सुनने के बाद अदालत ने टैक्स ऑडिट डेडलाइन 31 अक्टूबर तक बढाने का आदेश दिया हैं.