जोधपुर, 25 सितम्बर।
राजस्थान हाईकोर्ट ने GNM जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कोर्स की परीक्षा में याचिकाकर्ता को अस्थायी तौर पर भाग लेने की अनुमति दी हैं.
यह परीक्षा बुधवार दोपहर 12 बजे आयोजित होनी थी, लेकिन याचिकाकर्ता को उसका एडमिट कार्ड जारी नही किया गया था.
हाईकोर्ट ने बुधवार सुबह न्यायालय समय शुरू होने के साथ ही सुबह करीब 11 बजे याचिकाकर्ता की याचिका पर सुनवाई की.
याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने अभ्यर्थी लकी कटारिया को अंतरिम तोर पर परीक्षा में शामिल करने के आदेश दिए.
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता के अनुसार 1 दिसंबर 2023 के विज्ञापन के अनुसार उन्होंने GNM कोर्स के लिए आवेदन किया था.
उन्हें सीट आवंटित की गई और आवश्यक शुल्क जमा कर एक वर्ष की पढ़ाई पूरी की.
प्रवेश कार्ड नहीं किया जारी
लेकिन 11 अगस्त 2025 को परीक्षा शेड्यूल जारी होने के बावजूद याचिकाकर्ताओं को एडमिट कार्ड प्राप्त नहीं हुआ.
याचिकाकर्ताओं ने संबंधित अधिकारियों के पास प्रतिवेदन भी पेश किया, जिसके बाद परीक्षा की तिथि बढ़ाई गई.
फिर भी 8 सितंबर 2025 को अंतिम शेड्यूल जारी होने पर याचिकाकर्ताओं ने पुनः प्रतिवेदन दिया इसके बावजूद उसके प्रवेश कार्ड जारी नहीं किया गया.
हाईकोर्ट ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए यह माना कि याचिकाकर्ता ने प्रारंभिक तौर पर अपना मामला स्थापित किया है और उन्हें होने वाले अपूरणीय नुकसान को देखते हुए राहत दी जा सकती है.
परीक्षा में शामिल
जिसके बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को बुधवार 24 सितंबर को दोपहर 12 को आयोजित हुई परीक्षा में शामिल करने के आदेश दिए.
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अस्थायी अनुमति देने से किसी पक्ष को कोई अनुचित लाभ या नुकसान नहीं होगा और यदि आवश्यक हुआ तो याचिकाकर्ताओं को सप्लीमेंटरी परीक्षा में शामिल होने का अवसर भी मिलेगा.
हाईकोर्ट ने मामले में प्रवेश कार्ड जारी नहीं करने वाले कॉलेज से इस मामले में संपूर्ण जानकारी मांगी है.
साथ ही अदालत ने 14 अक्टूबर तक इस मामले में रिपोर्ट तलब करते हुए चेतावनी दी है कि अदालत को उचित कारण मिलने पर जुर्माने की कार्रवाई करने लिए स्वतंत्र रहेगी.