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पेपरलीक मास्टरमाइंड भूपेंद्र सारण सहित चार आरोपियों की हाईकोर्ट से जमानत खारिज

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जयपुर, 26 सितंबर

राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर पीठ ने सीनियर टीचर भर्ती पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड भूपेंद्र सारण सहित चार आरोपियों की ईडी मामले में जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया हैं.

जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने भूपेंद्र सारण के साथ ही अनिल कुमार उर्फ शेर सिंह, अरुण शर्मा और पुखराज की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिए हैं.

यह मामला प्रवर्तन निदेशालय ED द्वारा जांच के अधिन है.

पेपरलीक से प्राप्त हुए पैसे को लेकर ED ने मामला दर्ज किया था. अपराध से प्राप्त धन शामिल होने के चलते ईडी इस मामले की जांच कर रही हैं.

ED ने कहा जांच जारी हैं…

ED की ओर से अधिवक्ता अक्षय भारद्वाज ने पैरवी करते हुए आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध किया.

ED ने कहा कि इस मामले में ईडी ने कॉमन ईसीआर दायर कि थी जिसकी जांच के दौरान आरोपियों के खिलाफ कई तथ्य मिले हैं.

ईडी की जांच में जानकारी मिली है कि बाबूलाल कटारा ने शेरसिंह मीणा को बेचा था जिससे भूपेन्द्र सारण ने खरीदा था.

इस मामले के अन्य आरोपी अरूण शर्मा ने अभ्यर्थियों को भूपेन्द्र सारण से मिलाया था, प्रत्येक अभ्यर्थी से पेपर के बदले बड़ी धनराशि हासिल की थी और सभी पैसा नकद लिया गया था.

ईडी ने कहा कि अभी इस मामले में 40 से अधिक लोगो से जांच करना बाकि हैं इसलिए इन्हे जमानत पर रिहा किया जाना उचित नहीं हैं.

बहस सुनने के बाद जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने चारो आरोपियेां की जमानत याचिकाओं को खारिज करने के आदेश दिए.

इस फैसले के साथ ही चारों आरोपियों को फिलहाल न्यायिक हिरासत में रहना होगा. गौरतलब है कि एसओजी की ओर से दर्ज मामले में हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट से भूपेन्द्र सारण को जमानत मिली थी.

ये हैं मामला

भूपेंद्र सारण को राजस्थान एटीएस ने 23 फरवरी 2023 को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार करने के बाद सारण को उदयपुर कोर्ट में पेश कर पूछताछ की थी.

बाद में सारण से उदयपुर पुलिस ने भी कुछ दिनों तक पूछताछ की थी इसी पूछताछ के दौरान पुलिस ने कटारा को पेपर लीक का मुख्य आरोपी बनाकर पकड़ा था.

इसी एफआईआर पर ईडी ने पूर्व कटारा को रिमांड पर लेकर पूछताछ कि जिसमे कटारा ने ईडी को भूपेंद्र सारण की भूमिका और उसके लिंक के बारे में जानकारी दी थी.

कटारा के आधार पर ही ईडी के अधिकारियों ने भूपेंद्र सारण को जेल से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया था.

पुलिस जांच में सामने आया था कि कटारा से पेपर लेकर भूपेंद्र सारण ने 8 से 10 लाख रुपए में बेचा था.

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