जयपुर, 5 अक्टूबर
जयपुर महानगर की एक जिला अदालत ने जयपुर के बहुचर्चित CKS Hospital गबन मामले में आरोपी हॉस्पिटल के एकाउंटेंट की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
आरोपी ताराचन्द्र सैनी पर CKS Hospital के एकाउंटेंट पद पर रहते हुए Life Care OPD Pharmacy के ₹22,16,951 का गबन करने का गंभीर आरोप है।
जज सुमन शुक्ला ने जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ ₹22,16,951 के गबन के आरोप प्रमाणित पाए गए हैं।
अदालत ने कहा कि केस डायरी में CKS Hospital के बैंक खाते की डिटेल भी संलग्न है और आरोपी के कब्जे से ₹9,500 की गबन राशि बरामद होने की जानकारी दी गई है।
अदालत ने कहा कि हालांकि आरोपी के खिलाफ सीधे साक्ष्य पर संदेह किया जा सकता है, परंतु समाज में धोखाधड़ी जैसी घटनाओं में निरंतर वृद्धि हो रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए अदालत ने कहा कि—“इस स्तर पर आरोपी को जमानत का लाभ देना उचित प्रतीत नहीं होता।”
मामला क्या है
ताराचन्द्र सैनी 2023 से CKS Hospital में कैश काउंटर पर अकाउंट असिस्टेंट के पद पर कार्यरत था।
CKS Hospital की कैश राशि नियमित रूप से बैंक में जमा कराने की जिम्मेदारी उसी पर थी।
आरोप है कि फरवरी 2024 से मार्च 2025 के बीच उसने कई बार बड़ी राशि जमा नहीं कराई और व्यक्तिगत लाभ के लिए हेराफेरी की।
अस्पताल प्रबंधन को इस बात का संदेह तब हुआ जब फरवरी 2025 से सैनी बिना सूचना दिए अनुपस्थित रहने लगा। जांच में पाया गया कि जमा न कराई गई राशि ₹22 लाख से अधिक थी।
बचाव पक्ष और सरकार
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी एक साधारण कर्मचारी है, परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है और उस पर फर्जी तरीके से आरोप लगाए गए हैं।
सरकार की ओर से लोक अभियोजक सुरेश कुमावत ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने विश्वासघात कर गंभीर आर्थिक अपराध किया है और सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका है।