टॉप स्टोरी

चर्चित खबरें

जोबनेर कृषि विश्वविद्यालय के VC डॉ बलराज सिंह का निलंबन आदेश रद्द, Rajasthan Highcourt ने दिए पुर्ननियुक्ति के आदेश

HC Notice to Rajasthan University VC

जयपुर, 14 अक्टूबर

Rajasthan Highcourt ने एक महत्वपूर्ण आदेश में जोबनेर के कर्ण ​नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ बलराज सिंह को पद से हटाने के आदेश को रद्द कर दिया हैं.

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने एक सप्ताह पूर्व ही वीसी को तत्काल प्रभाव से पद से निलंबित किए जाने के आदेश जारी किए थें.

जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने Dr. Balraj Singh की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया हैं.

Rajasthan Highcourt ने मामले पर दोनो पक्षो की सुनवाई के बाद सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रखा था.

Rajasthan Highcourt ने 7 अक्टूबर 2025 के डॉ बलराज सिंह का निलंबन आदेश को रद्द करते हुए कहा कि डॉ. बलराज सिंह को विश्वविद्यालय में शामिल होने की अनुमति दी जाए, लेकिन वे तत्काल कुलपति के रूप में किसी निर्णय को नहीं ले सकेंगे.

Rajasthan Highcourt ने स्पष्ट किया कि डॉ. सिंह को केवल ‘एक्ट ऑफ 2013’ की धारा 25-ए (2) के तहत कुछ प्रतिबंधों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने की इजाजत होगी.

Rajasthan Highcourt ने कहा कि जब तक जांच रिपोर्ट चांसलर को प्रस्तुत नहीं की जाती और चांसलर उस पर निर्णय नहीं लेते, डॉ. सिंह को किसी भी नियुक्ति के लिए विचार नहीं किया जाएगा.

डॉ. बलराज सिंह की ओर से अधिवक्ता सुनील समदड़िया और अरिहंत समदड़िया ने पैरवी की. वही विश्वविद्यालय की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंतसिंह छाबा, राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद, हर्षिता ठकराल, अविनाश चौधरी और तम्नय गोयल ने पैरवी की.

क्या हैं मामला

वीसी डॉ बलराज सिंह के खिलाफ राज्यपाल को कई तरह की गड़बड़ियों और नियमों के लगातार उल्लंघन करके गलत फैसले करने की शिकायतें आई थीं.

शिकायतों के बाद राज्यपाल ने डॉ बलराज सिंह के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के लिए कमेटी बनाई है.

7 अक्टूबर 2025 को राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने वीसी को तत्काल प्रभाव से पद से निलंबित किए जाने के आदेश जारी किए हैं.

वीसी डॉ बलराज सिंह का कार्यकाल जल्द पूरा होने वाला था और कार्यकाल के आखिरी तीन महीने में किसी तरह नीतिगत फैसला नहीं कर सकते, लेकिन VC ने कई नीतिगत फैसले किए जो नियमों का साफ उल्लंघन था.

डॉ बलराज सिंह पहले जोधपुर एग्रीकल्चर यूनिवसिर्टी के वीसी रह चुके हैं। इसके बाद कांग्रेस राज में उन्हें जोबनेर कृषि विश्वविद‌्यालय का वीसी नियुक्त किया गया था.

याचिका में दलील

अधिवक्ता सुनील समदड़िया और अरिहंत समदड़िया के जरिए याचिका में डॉ बलराजसिंह ने दलील दी कि राज्यपाल का आदेश “अत्यधिक मनमाना और कानून-विरोधी हैं.

याचिका में कहा गया कि वीसी को उनके कार्यकाल की समाप्ति से 7 दिन पहले निलंबित किया गया, ताकि विश्वविद्यालय के नए वाइस-चांसलर के चयन में उनकी पुनर्नियुक्ति की संभावना को प्रभावित किया जा सके.

याचिका में कहा गया कि निलंबन आदेश में लगाए गए आरोप बिना किसी सुनवाई और जांच के, केवल मनमाने आधार पर लगाए गए हैं.

सबसे अधिक लोकप्रिय