नई दिल्ली, 14 अक्टूबर
केन्द्र सरकार ने देश के अलग अलग हाईकोर्ट के जजों के तबादलें की कॉलेजियम की सिफारिशों को मंजूरी दे दी हैं
जिसके बाद राष्ट्रपति भवन ने हाईकोर्ट जजों के तबादला आदेश जारी किए गए हैं.
इन आदेशो के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस अवनीश झींगन अब दिल्ली हाईकोर्ट के जज होंगे.
जस्टिस दिनेश मेहता
28 जनवरी 1968 को जोधपुर में जन्में जस्टिस मेहता ने बी.कॉम (ऑनर्स) ,एसीए एवं एलएलबी करने के बाद बार कौसिंल ऑफ राजस्थान में 06 सितम्बर 1992 को अधिवक्ता के रूप में नामांकन करवाया.

राजस्थान हाईकोर्ट में टैक्स, मध्यस्थता, बैंकिंग कानून, कंपनी कानून, विद्युत कानून, पर्यावरण कानून, बीमा कानून, कृषि कानून, नगरपालिका कानून से संबंधित मामलों में पैरवी की.
जस्टिस दिनेश मेहता संवैधानिक, खनन, चुनाव, सिविल, सेवा और औद्योगिक विवादों से संबंधित मामलो के विशेषज्ञ रहे हैं.
16 नवम्बर 2016 को राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस मेहता ने शपथ ग्रहण के साथ ही सिंगल बेंच व डिवीजन बेंच में कई अहम मामलों पर सुनवाई करते हुए कई महत्वपूर्ण आदेश भी पारित किए.
जस्टिस अवनीश झींगन
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में के एक अधिवक्ता के घर 29 जनवरी 1969 को जन्में जस्टिस अवनीश झींगन ने गोस्वामी गणेश दत्ता सनातन धर्म महाविद्यालय, सेक्टर 32-सी, चंडीगढ़ से बी.कॉम (ऑनर्स) किया.

वर्ष 1992 में पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से विधि में स्नातक की उपाधि प्राप्त करने के बाद, पंजाब एवं हरियाणा राज्यों की बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकित हुए.
एक अधिवक्ता के रूप में उन्होंने मुख्यतः दीवानी और टैक्स संबंधी मामलों की पैरवी की और पंजाब टैक्स बार एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक चुने गए.
जस्टिस झिंगन को 10 जुलाई 2017 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया और 03 दिसंबर 2018 को स्थायी न्यायाधीश के रूप पदोन्नत हुए.
1 नवंबर 2023 को उनका तबादला राजस्थान हाईकोर्ट में हुआ जिसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 25 और 26 अगस्त 2025 को बैठक करते हुए देश के अलग अलग हाईकोर्ट के 14 जजो के तबादले की सिफारिश की थी.
वही दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस अरूण मोंगा अब राजस्थान हाईकोर्ट में ट्रांसफर किए गए हैं.
जस्टिस अरूण मोंगा
जस्टिस मोंगा का जन्म 21 दिसम्बर 1968 को हुआ और स्कूली शिक्षा पंजाब में हुई, जहाँ उनके पिता न्यायिक अधिकारी के रूप में कार्यरत थे, जो बाद में सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विसेज़ से सेवानिवृत्त हुए.

डी.ए.वी. कॉलेज, चंडीगढ़ से प्रथम श्रेणी में बी.एससी. की उपाधि प्राप्त की, और कॉलेज कलर से भी सम्मानित हुए.
पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से प्रथम श्रेणी में विधि स्नातक की उपाधि प्राप्त की.
1991 में चंडीगढ़ हाईकोर्ट में प्रथम पीढ़ी के वकील के रूप में वकालत शुरू की।
1997-98 में उन्होने दिल्ली में वकालत शुरू की जहाँ उन्होंने 20 वर्षों तक वकालत की और अक्टूबर, 2018 में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में जज नियुक्त हुए.
जस्टिस अरूण मोंगा पंजाब हरियाणा से 01 नवम्बर 2023 को ट्रांसफर होकर राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस पद की शपथ ली बाद में 20 जुलाई 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर किए गए.
महज तीन माह से भी कम वक्त में दिल्ली से दुबारा राजस्थान हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया गया है।