जयपुर, 14 अक्टूबर
राजस्थान हाईकोर्ट ने कोटपूतली में अवैध नशीली दवाओं के मामले में गिरफ्तार तीसरे आरोपी और डॉ. अविनाश के यहां नौकर के रूप में काम करने वाले आरोपी राजसिंह पुत्र भूपसिंह को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
जस्टिस चंद्रप्रकाश श्रीमाली ने यह आदेश राजसिंह की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता विभुतिभूषण शर्मा ने दलील दी कि राजसिंह डॉ. अविनाश शर्मा के यहां नौकर था और 10,000 रुपये मासिक वेतन पर काम करता था।
मामले में मुख्य आरोपी डॉ. अविनाश शर्मा हैं, जो ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक नवीन शर्मा से अवैध नशीली दवाइयाँ मंगवाते थे और गोदाम मालिक राकेश यादव उर्फ राजेश के यहां रखवाते थे।
अधिवक्ता ने बताया कि नौकर होने के नाते राजसिंह केवल डॉ. अविनाश के कहे अनुसार दवाइयों को रखता था।
उन्होंने कहा कि मामले में चार्जशीट पेश हो चुकी है और अब कोई बरामदगी शेष नहीं है। इसके अलावा, मामले के अन्य सह-अभियुक्तों को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
राज्य सरकार की ओर से राजकीय अधिवक्ता श्रीराम धाकड़ ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ गंभीर प्रवृति के आरोप हैं और उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
बहस सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त याचिकाकर्ता को सशर्त जमानत देते हुए रिहा करने का आदेश दिया।
ये हैं मामला
सीआईडी क्राइम ब्रांच पुलिस मुख्यालय की स्पेशल टीम की सूचना पर कोटपूतली पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी और सफल कार्रवाई करते हुए डॉ. अविनाश, नवीन शर्मा और राजसिंह को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से Proxyco-SPAS, Proxiohm-SPAS, Symdex-Plus, Proximex-SPAS जैसे कैप्सूल और Anrex, Antop सिरप की भारी खेप बरामद की।
जब्त की गई दवाओं का कुल वजन 29 किलोग्राम से अधिक था।