जयपुर, 18 अक्टूबर
राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर का पहला वार्षिक समारोह शुरू हो गया हैं.
झालाना स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने द्वीप प्रज्ज्वलित कर इस समारोह का आगाजन किया हैं.

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जब मैं यहां से तबादला होकर गया था तो मैंने विदाई समारोह से इंकार किया क्योंकि मैने कहा कि मैं वापस आउंगा. दो तीन साल के लिए बाहर जाना ठीक बात हैं.
पटना और पंजाब हरियाणा गया और कई नए लोगो से मिला. बार एसोसिएशन के आयाम कार्यक्रम का स्वागत करना चाहिए और इसे प्रतिवर्ष करना चाहिए. बार और बेंच के समन्वय से विकास होता है.
बार और बेंच
जिस तरह से परिवार में सभी शामिल होकर रहते है तो पुरा का पुरा घर आगे बढती हैं इसी तरह से ज्यूडिशरी भी बार और बेंच के समन्वय से आगे बढती है।
दीवाली अवकाश से पूर्व हमने अधिक से अधिक बेंचो का गठन करे अधिक से अधिक मुकदमों की सुनवाई तय की थी.
हाईकोर्ट में मैने देखा कि जगह की बहुत कमी है चैंबर की कमी है।
हमने सरकार से बात की हैं और बहुत जल्दी जगह उपलब्ध हो जाएगी जिससे जूनियर एडवोकेट के बैठने की जगह हो जाएगी.
नए चैंबर्स बनाने के लिए हम हाईकोर्ट के पिछे की जगह देख रहे हैं ताकि हम कुछ बेहतर कर सके ताकि एडिशनल चैंबर्स बनाए जा सके.

हमारी राज्य सरकार से बातचीत चल रही है वो हाईकोर्ट बहुत पुरानी है और आज की जरूरत के अनुसार जगह कम पड रही हैं
हमें कुछ दिनों में फाइनल अरेजमेंट करने में सफलता मिलेगी जिससे अगले 100 साल की जरूरत पुरी हो सके.
अधिवक्ताओं के लिए जो भी जरूरतों होगी चाहे वो वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए जगह जरूरी है।
हम यहां पर सीनियर एडवोकेट की संख्या बढाने की कोशिश कर रहे है हम जो भी कर सकते है वो बेहतर कर सकते हैं
जब तक नए मुख्य न्यायाधीश नहीं आते तब तक मैं बहुत कुछ करने की कोशिश करूंगा.

समारोह में राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर पीठ के जस्टिस इन्द्रजीत सिंह, जस्टिस महेन्द्र कुमार गोयल, जस्टिस सुदेश बंसल, जस्टिस अनुप कुमार ढंड, जस्टिस विनोद कुमार भारवानी, जस्टिस उमाशंकर व्यास सहित कई सिटिंग जज पहुंचे है…

समारोह में जस्टिस अनिल उपमन, जस्टिस शुभा मेहता, जस्टिस भुवन गोयल, जस्टिस आनंद शर्मा, जस्टिस मनीष शर्मा , महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद, एडिशनल सॉलिस्टर जनरल भरत व्यास समारोह में मौजूद है।.
एक राजस्थानी लेकर जा रहा…
समारोह को संबांधित करते हुए जस्टिस अवनीश झींगन ने कहा कि अगर मैं राजस्थान नही आता तो बहुत सी बेहतर चीजो से महरूम रह जाता.
उन्होने राजस्थान में आने और अपने इमोशन शेयर करते हुए कहा कि राजस्थान में मैने सबसे पहले मीर्ची बड़ा खाना सीखा हैं.
जिस तरह से पिछले तीन दिन में अधिवक्ता मुझसे मिलने आए मैं बहुत अभिभूत हॅू.
राजस्थान में मुझे बहुत ज्यादा प्यार मिला है.
मैं अपने साथ एक राजस्थानी साथ लेकर जा रहा हॅू. मेरा रिश्ता राजस्थान से अब जीवन भर के लिए जुड़ गया हैं.
अब मुझे कोई भी राजस्थान से अलग नहीं कर सकता.
मुझे यहां पर मध्यस्ता केन्द्र का इंचार्ज बनाया गया जो मैने यहां पर देखा वो बहुत अलग हैं.
पुरान वकील हॅू इसलिए कमल कागज जब तक हाथ में नही आता दिल नहीं मानता इसलिए दीवाली से पहले हमने वो सभी काम पुरे किए जो जरूरत थी.