जयपुर, 23 अक्टूबर।
Rajasthan Highcourt ने दौसा नगर निगम द्वारा एक बार नीलामी में आवंटित किए गए भूखंड की दुबारा नीलामी निकालने के मामले में राज्य के स्थानीय स्वशासन विभाग के प्रमुख सचिव और निदेशक सहित निगम के चेयरमैन और आयुक्त को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह में जवाब तलब किया है।
Justice Sanjeet Purohit की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता राजेंद्र कुमार मीणा की याचिका पर सुनवाई करते हुए निगम को संबंधित भूखंड की नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ाने से रोक लगा दी है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता स्वप्निल सिंह पटेल ने दलील दी कि दौसा नगर निगम ने गुप्तेश्वर रोड स्थित हाउसिंग योजना के तहत निकाली नीलामी में भूखंड संख्या 50 (C-ब्लॉक) को ₹7,12,800 प्रति वर्ग गज की दर से याचिकाकर्ता के पक्ष में आवंटित किया था.
हालांकि, निगम अधिकारियों ने 15 जुलाई 2024 को बिना कारण बताए नीलामी रद्द कर दी, जबकि इसी तरह का एक अन्य भूखंड पहले याचिकाकर्ता की पत्नी को आवंटित किया गया था.
याचिकाकर्ता ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए स्थायी लोक अदालत, दौसा में वाद दायर किया। अदालत ने 16 सितंबर 2025 को आदेश जारी कर निगम को आवंटन पत्र जारी करने और राशि जमा कराने के निर्देश दिए।
इसके बावजूद, दौसा नगर निगम ने 25 अगस्त 2025 को उसी प्लॉट की पुनः नीलामी का विज्ञापन (15 सितंबर 2025 का करिगेंडम सहित) जारी कर दिया।
याचिकाकर्ता ने इसे लोक अदालत के आदेश की अवहेलना और संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन बताया।
अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद राज्य सरकार और नगर निगम अधिकारियों को छह सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.
सुनवाई पूरी होने तक संबंधित भूखंड की नीलामी प्रक्रिया पर रोक जारी रहेगी।