जयपुर, 28 अक्टूबर 2025
राजधानी जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में स्थित 87 अवैध कॉलोनियों पर अब बुलडोजर चलना तय हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को कोई राहत नहीं दी थी, जिससे 10 हजार से अधिक परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है।
इसी बीच, राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों का पालन न करने पर राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों को कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट (अदालत की अवमानना) का नोटिस जारी किया गया है।
कोर्ट अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी
हाईकोर्ट के आदेशों का पालन न होने पर अधिवक्ता पूनम चंद भंडारी ने पब्लिक अगेंस्ट करप्शन संस्था की ओर से राज्य के मुख्य सचिव सहित राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों को कंटेम्प्ट नोटिस जारी किया है।
अधिवक्ता भंडारी ने मुख्य सचिव सुधांशु पंत, प्रधान सचिव (शहरी विकास) देबाशीष प्रुष्टी, जेडीए सचिव निशांत जैन, और हाउसिंग बोर्ड आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा को अवमानना का नोटिस भेजा है।
नोटिस में कहा गया है कि —
“आपके द्वारा राजस्थान हाईकोर्ट के 20 अगस्त 2025 के आदेश का पालन नहीं किया गया है।
आदेश की पालना में न तो अब तक अवैध कब्जे हटाए गए, न ही जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। इससे भूमाफिया दोबारा जमीन की बिक्री-खरीद कर रहे हैं। यह जानबूझकर कोर्ट की अवमानना है।”
अधिवक्ता भंडारी ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं की गई, तो हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की जाएगी।
यह है मामला
राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की अधिग्रहित भूमि पर अवैध कॉलोनियों के निर्माण और नियमितीकरण का यह विवाद पिछले कई वर्षों से चल रहा है.
सरकार ने 12 मार्च 2025 को सांगानेर की 87 कॉलोनियों को नियमित करने का आदेश जारी किया था।
सरकार के इस आदेश को पब्लिक अगेंस्ट करप्शन संस्था ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका के रूप में चुनौती दी थी।
याचिका पर सुनवाई करते हुए 20 अगस्त 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट ने आदेश दिया था —
“सरकारी भूमि पर बनी अवैध कॉलोनियों को नियमित नहीं किया जा सकता।
हाउसिंग बोर्ड को आठ सप्ताह में कब्जे हटाने होंगे और उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई करनी होगी जिन्होंने इन अवैध निर्माणों को नजरअंदाज किया।”
“हाउसिंग बोर्ड की भूमि पर बनी सभी अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित रहेगी।”
साथ ही, कोर्ट ने 12 मार्च 2025 के सरकारी आदेश पर रोक लगा दी थी।
सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
राज्य सरकार ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पेटिशन (SLP) दाखिल की थी, लेकिन 17 अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की SLP को खारिज कर दिया.
इससे अब हाईकोर्ट का आदेश प्रभावी बना हुआ है।
87 कॉलोनियों में 10 हजार परिवारों पर संकट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान हाउसिंग बोर्ड ने 69 अवैध कॉलोनियों की सूची तैयार की है, जिनमें करीब 7,258 भूखंड शामिल हैं।
इनमें से अधिकांश में 70–80 प्रतिशत तक बसावट हो चुकी है। अनुमान है कि कार्रवाई से करीब 10 हजार भूखंडधारी या परिवार प्रभावित होंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स
एनडीटीवी राजस्थान के विश्वास शर्मा की प्रकाशित रिपोर्ट सहित कई मीडिया संस्थानों की रिपोर्ट के अनुसार 10,000 से अधिक परिवारों पर अब बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है।
हाउसिंग बोर्ड द्वारा तैयार की गई सूची के अनुसार, 69 अधिग्रहित (अवाप्तशुदा) कॉलोनियों में लगभग 7,258 भूखंड शामिल हैं, और इनमें से अधिकतर में 70 से 80 प्रतिशत तक बसावट हो चुकी है।