टॉप स्टोरी

चर्चित खबरें

18 वर्ष से पूर्व बिना मर्जी के शादी नहीं कराने के वचन-शर्त पर Highcourt ने नाबालिग बेटी को सौंपा माता-पिता को

High Court Rules Radiologist’s Testimony Mandatory in Grievous Injury Cases — Rajasthan HC Landmark Judgment

जोधपुर, 7 नवंबर 2025

राजस्थान Highcourt जोधपुर ने एक बेहद गंभीर मामले में माता-पिता को इस शर्त पर उनकी नाबालिग बेटी को सौंपा कि वे उसका विवाह 18 वर्ष की आयु होने तक नहीं करेंगे।

Highcourt में नाबालिग बेटी के पिता ने 18 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले बिना उसकी सहमति से शादी नहीं कराने का वचन दिया।

Highcourt ने माता-पिता को नाबालिग को सुपुर्द करने के आदेश देते हुए हैबियस कॉर्पस याचिका का निस्तारण किया।

जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने यह आदेश नाबालिग के माता-पिता की ओर से दायर याचिका पर दिया।

बाल विवाह से नाराज बेटी ने छोड़ा घर

मामला चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग लड़की से जुड़ा है, जो 19 सितंबर से लापता थी।

याचिकाकर्ता मां ने राजस्थान हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यर्थीकरण याचिका दायर करते हुए बेटी को खोजने की मांग की।

इस याचिका में राज्य सरकार, चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक, भदेसर थानाधिकारी और नाहरगढ़ निवासी एक व्यक्ति को भी पक्षकार बनाया गया था।

हाईकोर्ट के आदेश से कोर्ट में पेश हुई नाबालिग ने अपने माता-पिता पर बाल विवाह कराने का आरोप लगाया।

16 वर्षीय नाबालिग ने बताया कि —
“मेरे माता-पिता मेरे साथ ठीक व्यवहार नहीं कर रहे थे। वे मेरी शादी ऐसी जगह कराने की कोशिश कर रहे थे, जो मेरी पसंद की नहीं थी, जबकि मेरी उम्र अभी 18 वर्ष नहीं हुई है।”

नाबालिग ने अपने माता-पिता के साथ जाने की सशर्त इच्छा जताई कि वे कोर्ट के समक्ष यह वचन दें कि 18 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले उसकी मर्जी के बिना शादी नहीं करेंगे।

नाबालिग ने यह आशंका भी जताई कि घर लौटने पर उसके साथ दुर्व्यवहार हो सकता है।

माता-पिता का कोर्ट से वचन

Highcourt में सुनवाई के दौरान नाबालिग के बयान पर उसके माता-पिता ने वचन दिया कि वे 18 वर्ष की आयु होने तक उसका विवाह नहीं करेंगे,
साथ ही नाबालिग के बालिग होने पर उसकी सहमति के बिना शादी नहीं कराने का भी वचन दिया।

Highcourt ने माता-पिता के वचन को मंजूर करते हुए इस शर्त पर नाबालिग को सौंपा कि वे अदालत में दिए गए वचन का पालन करेंगे।

Highcourt ने अपने आदेश में कहा —
“यदि भविष्य में नाबालिग के साथ किसी प्रकार के दुर्व्यवहार या जबरन विवाह की सूचना प्राप्त होती है, तो संबंधित अधिकारियों को उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार होगा।”

सबसे अधिक लोकप्रिय