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Case Status: डेढ़ साल में सिर्फ नोटिस तामील, 11 माह बाद सांसद राव राजेंद्र सिंह की ओर से अधिवक्ता का वकालतनामा पेश

Jaipur Rural Lok Sabha Poll Dispute Reaches Rajasthan High Court: Rao Rajendra Singh Served Notice After 11 Months

केस स्टेटस में आज पढिए Rajasthan Highcourt में दर्ज- जयपुर ग्रामीण लोकसभा चुनाव से जुड़ी चुनाव याचिका (S.B. Election Petition No. 6/2024 – Anil Chopra v. Returning Officer) की विस्तृत रिपोर्ट

जयपुर, 11 नवंबर

जयपुर ग्रामीण लोकसभा चुनाव के दौरान मतपत्रों की पुन: गणना से जुड़े विवाद में करीब डेढ़ साल में सिर्फ प्रतिवादियों को नोटिस ही तामील हो पाए हैं।

कोर्ट के बार-बार आदेश के बावजूद सांसद राव राजेंद्र सिंह को नोटिस तक तामील नहीं हुए थे, जिस पर Rajasthan Highcourt ने 20 अक्टूबर 2025 को पेपर पब्लिकेशन के जरिए नोटिस तामील करवाने का आदेश दिया.

सांसद राव राजेंद्र सिंह पर पेपर पब्लिकेशन के जरिए नोटिस तामील करवाने का आदेश देते हुए Rajasthan Highcourt ने सांसद को 1 नवंबर को तलब भी किया था.

जस्टिस विनोद कुमार भारवानी की एकलपीठ ने कांग्रेस के पराजित प्रत्याशी अनिल चोपड़ा की चुनाव याचिका पर यह आदेश दिए.

प्रदेश के एक अखबार Rajasthn Patrika में नोटिस पब्लिकेशन होने के बाद अब सांसद राव राजेंद्र सिंह की ओर से 1 नवंबर 2025 को अधिवक्ता का कोर्ट में वकालतनामा पेश किया गया हैं.

4 जून को परिणाम, जुलाई में याचिका

जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट पर चुनाव परिणाम 4 जून को जारी किए गए थे. कांग्रेस प्रत्याशी अनिल चोपड़ा ने चुनाव परिणाम में धांधली का आरोप लगाया था।

अनिल चोपड़ा ने आरोप लगाया कि रिटर्निंग अधिकारी ने उनकी रिकाउंटिंग की मांग को नियमों के खिलाफ जाकर खारिज कर दिया.

याचिका दायर: इस मामले में अनिल चोपड़ा ने 18 जुलाई 2024 को लोकसभा चुनाव परिणाम को Rajasthan Highcourt में चुनाव याचिका के जरिए चुनौती दी.

याचिका में पुन: गणना की मांग

याचिका में कहा गया कि प्रार्थी अनिल चोपड़ा को 1615 मतों से पराजित बताया गया, जबकि निर्वाचन विभाग की उसी दिन जारी नोट शीट में 2738 बैलेट खारिज होना बताया गया.

अनिल चोपड़ा इस संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर को शिकायत भी दी, लेकिन अधिकारी ने 1225 बैलेट ही खारिज होना बताकर पुन: मतगणना से इनकार कर दिया.

याचिका में कहा गया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत निर्वाचन विभाग को खारिज मतपत्र प्रत्याशी को दिखाने होते हैं, लेकिन विभाग ने नहीं दिखाए.

ऐसे में जीत के अंतर के मत खारिज मतों की संख्या से कम होने के कारण मतों की पुन: गणना के निर्देश दिए जाएं.

तारीख दर तारीख…

इस चुनाव याचिका को Rajasthan Highcourt में पहली बार सुनवाई के लिए 30 जुलाई 2024 को सूचीबद्ध किया गया।

पहली सुनवाई: अन्य कारणों के चलते 30 जुलाई को इस याचिका पर सुनवाई नहीं हो पाई और इसे 5 अगस्त 2024 के लिए सूचीबद्ध किया गया।

दूसरी सुनवाई: 5 अगस्त 2024 को Rajasthan Highcourt ने इस मामले की सुनवाई टालते हुए 13 अगस्त की दोपहर 3 बजे सुनवाई तय की।

जज ने किया सुनवाई से इंकार

तीसरी सुनवाई : 13 अगस्त को दोपहर 3 बजे सूचीबद्ध होने के बाद इस मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस उमाशंकर व्यास ने तकनीकी कारणों से इसे दूसरी बेंच के समक्ष सूचीबद्ध करने के आदेश दिए।

13 अगस्त 2024 के बाद यह मामला करीब तीन माह बाद Rajasthan Highcourt में 20 दिसंबर 2024 को सूचीबद्ध किया गया।

चौथी सुनवाई: जस्टिस विनोद भारवानी की एकलपीठ ने 20 दिसंबर 2024 को इस मामले की सुनवाई करते हुए पहली बार प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए।

अनिल चोपड़ा की याचिका दायर होने के बाद Rajasthan Highcourt से पहली बार नोटिस जारी किए गए थे।

नोटिस जारी होने के तीन माह 10 दिन बाद यह मामला 1 अप्रैल 2025 को कोर्ट में सूचीबद्ध हुआ.

पांचवीं सुनवाई: 1 अप्रैल 2025 को हुई सुनवाई में प्रतिवादी संख्या 5, 6, 7, 9, 10 और 17 को नोटिस तामील नहीं होने के चलते सुनवाई टल गई।

ये प्रतिवादी क्रमशः राव राजेंद्र सिंह, अजय भाट, जितेंद्र कुमार योगी, दशरथ कुमार और डॉ. रामरूप मीणा थे, जिन्हें नोटिस तामील नहीं हो पाए।

Rajasthan Highcourt ने मामले को दो सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने के आदेश दिए।

छठी सुनवाई: 17 अप्रैल 2025 को सूचीबद्ध हुए मामले में प्रतिवादी संख्या 17 एडवोकेट रामरूप मीणा ने कोर्ट में उपस्थित होकर अपने नोटिस स्वीकार किए।

अब भी सांसद राव राजेंद्र सिंह, अजय भाट, जितेंद्र कुमार योगी और दशरथ कुमार को नोटिस तामील नहीं हो पाए।

जिस पर कोर्ट ने पुन: मामले की सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की।

नोटिस अदम तामील

सातवीं सुनवाई: 20 मई 2025 को मामले की सुनवाई के दौरान अनिल चोपड़ा के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि अन्य पते पर रहने की रिपोर्ट के साथ नोटिस अदम तामील हो गए हैं, यानी सांसद राव राजेंद्र सिंह का जो पता दिया गया था उस पर वे नहीं रहते — इस जानकारी के साथ नोटिस पुन: लौटाए गए।

जिसके बाद Rajasthan Highcourt ने नए पते के साथ दुबारा नए नोटिस जारी करने का आदेश दिया।

इसके साथ ही मामले के दूसरे पक्षकारों को जारी नोटिस प्राप्त नहीं होने से इंतजार करना तय करते हुए मामला जुलाई के लिए सूचीबद्ध करने के आदेश दिए गए।

नहीं हुआ कोई पेश

जुलाई में सूचीबद्ध करने के आदेश के बाद यह मामला 14 अगस्त 2025 को सूचीबद्ध किया गया।

सातवीं सुनवाई: 14 अगस्त को इस मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों की ओर से कोई पेश नहीं हुआ, जिसके बाद मामले की सुनवाई टालते हुए 28 अगस्त के लिए सूचीबद्ध किया गया।

आठवीं सुनवाई: 28 अगस्त 2025 को सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों की ओर से एडवोकेट अनुराग शर्मा पेश हुए।

इसके साथ अनिल चोपड़ा की ओर से सांसद राव राजेंद्र सिंह सहित अन्य पक्षकारों को नोटिस की सेवा के संबंध में सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 5 नियम 20 के तहत एक आवेदन प्रस्तुत किया गया, जो सार्वजनिक नोटिस से जुड़ा था।

वहीं, इस मामले में अन्य पक्षकारों ने जवाब के लिए समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने मामले की सुनवाई एक सप्ताह बाद तय की।

नौवीं सुनवाई: 12 सितंबर 2025 को मामले की सुनवाई के दिन हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य बहिष्कार के चलते कोर्ट में कोई अधिवक्ता पेश नहीं हुए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 20 सितंबर 2025 को तय की।

अखबार में नोटिस के आदेश

दसवीं सुनवाई: कोर्ट के आदेश अनुसार यह मामला 20 सितंबर 2025 को सूचीबद्ध किया गया।

जस्टिस विनोद भारवानी की एकलपीठ ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए अनिल चोपड़ा के प्रार्थना पत्र पर बड़ा आदेश दिया।

कांग्रेस प्रत्याशी अनिल चोपड़ा ने यह कहते हुए कि सांसद राव राजेंद्र सिंह सहित अन्य पक्षकार नोटिस प्राप्त करने से बच रहे हैं, उनके खिलाफ अखबार के जरिए नोटिस तामील कराने की अनुमति मांगी।

अनिल चोपड़ा के प्रार्थना पत्र पर Rajasthan Highcourt ने सांसद राव राजेंद्र सिंह, अजय भाट, जितेंद्र कुमार योगी और दशरथ कुमार के खिलाफ अखबार के जरिए नोटिस तामील कराने का आदेश दिया।

Rajasthan Highcourt ने आदेश दिया कि नोटिस “राजस्थान पत्रिका” के स्थानीय संस्करण में प्रकाशित कर तामील कराए जाएं।

Rajasthan Highcourt ने नोटिस चस्पा कर भी तामील सुनिश्चित कराने के आदेश देते हुए मामला छह सप्ताह बाद पुनः सूचीबद्ध तय किया।

11 माह बाद नोटिस तामील

अनिल चोपड़ा की चुनाव याचिका में Rajasthan Highcourt ने पहली बार 20 दिसंबर 2024 को नोटिस जारी किए थे।

लेकिन बार-बार नोटिस तामील नहीं होने के बाद इस मामले में सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 5 नियम 20 का उपयोग किया गया।

20 सितंबर 2025 को अनिल चोपड़ा के इस आवेदन पर Rajasthan Highcourt ने सार्वजनिक रूप से नोटिस तामील कराने का आदेश दिया, जिसके बाद अगर प्रतिवादी कोर्ट में नहीं आते तो एकतरफा आदेश दिया जा सकता था।

पेश किया वकालतनामा

Rajasthan Highcourt की सख्ती के बाद सांसद राव राजेंद्र सिंह की ओर से मामले में नोटिस तामील हो गए हैं।

कोर्ट आदेश से “राजस्थान पत्रिका” अखबार में सार्वजनिक नोटिस प्रकाशित किया गया, जिसके बाद सांसद राव राजेंद्र सिंह की ओर से एडवोकेट हेमंत सिंह शेखावत ने 1 नवंबर 2025 को पॉवर यानी वकालतनामा पेश किया है।

अगली सुनवाई…

Rajasthan Highcourt ने इस मामले की सुनवाई 1 नवंबर 2025 को तय की थी, लेकिन फिलहाल हाईकोर्ट में यह मामला अभी सूचीबद्ध नहीं हुआ है।

तारीख दर तारीख…

  • पहली सुनवाई (30 जुलाई 2024): तकनीकी कारणों से नहीं हो सकी, मामला 5 अगस्त के लिए सूचीबद्ध।
  • दूसरी सुनवाई (5 अगस्त 2024): अगली तारीख 13 अगस्त तय।
  • तीसरी सुनवाई (13 अगस्त 2024): जस्टिस उमाशंकर व्यास ने इसे दूसरी बेंच के समक्ष सूचीबद्ध करने के आदेश दिए।
  • चौथी सुनवाई (20 दिसंबर 2024): जस्टिस विनोद भारवानी ने पहली बार प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए।
  • पांचवीं सुनवाई (1 अप्रैल 2025): प्रतिवादी संख्या 5, 6, 7, 9, 10 और 17 को नोटिस तामील नहीं हुए।
  • छठी सुनवाई (17 अप्रैल 2025): प्रतिवादी संख्या 17 एडवोकेट रामरूप मीणा ने कोर्ट में नोटिस स्वीकार किए।
  • सातवीं सुनवाई (20 मई 2025): नोटिस “अदम तामील” रिपोर्ट के साथ लौटे, कोर्ट ने नए पते पर पुनः नोटिस जारी करने के आदेश दिए।
  • आठवीं सुनवाई (28 अगस्त 2025): चुनाव आयोग की ओर से अधिवक्ता अनुराग शर्मा पेश हुए।
  • नौवीं सुनवाई (12 सितंबर 2025): अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य बहिष्कार के कारण सुनवाई स्थगित हुई।
  • दसवीं सुनवाई (20 सितंबर 2025): कोर्ट ने अखबार के माध्यम से नोटिस तामील कराने का आदेश दिया।

Status Update / Case Summary

  • Case No.: S.B. Election Petition No. 6/2024 (Anil Chopra vs Returning Officer & Ors.)
  • Court: Rajasthan High Court, Jaipur Bench
  • Petitioner: Anil Chopra (Congress)
  • Respondent: Rao Rajendra Singh (BJP MP, Jaipur Rural) & others
  • Current Status: Notices served to respondents via newspaper publication after repeated failed attempts. MP’s counsel has now filed a vakalatnama (power of attorney).
  • Next Step: Case to be listed for hearing after notice compliance.

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