कोर्ट ने कहा : जैसलमेर एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। ऐसे में गड़ीसर झील का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है,
जोधपुर, 12 नवंबर
Rajasthan Highcourt ने जैसलमेर स्थित ऐतिहासिक गड़ीसर झील/तालाब के संरक्षण और उसके जलग्रहण क्षेत्र को बढ़ाने से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने सुनील पालीवाल की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया हैं.
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मानस रणछोड़ खत्री ने पैरवी करते हुए दलील दी कि गड़ीसर झील के जलग्रहण क्षेत्र को विस्तारित किया जाए और इसे संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए.
साथ ही, 12 जून 1961 की अधिसूचना में निर्धारित झील की सीमाओं को यथावत बनाए रखने की भी अपील की गई है, ताकि झील के प्राकृतिक स्वरूप और जलस्रोतों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके.
सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया.
मामले में Rajasthan Highcourt ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जैसलमेर एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। ऐसे में गड़ीसर झील का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह न केवल ऐतिहासिक धरोहर है बल्कि रेगिस्तानी क्षेत्र में मीठे जल का प्रमुख स्रोत भी है.
Rajasthan Highcourt ने कहा कि पिछले दो-तीन मौसमों में झील में पर्याप्त वर्षा जल आया है और कई अवसरों पर इसकी क्षमता से अधिक पानी बहने की सूचना मिली है.
कोर्ट ने कहा कि ऐसे में राज्य सरकार का यह कर्तव्य बनता है कि वर्षा जल संरक्षण और संवर्धन के लिए ठोस योजनाएं तैयार की जाएं।
Rajasthan Highcourt ने मामले की सुनवाई 24 नवंबर तय करते हुए आदेश दिया कि राज्य सरकार अपने जवाब में कोर्ट की उपरोक्त टिप्पणियों पर समुचित ध्यान देते हुए विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करे.