RJS 2024 भर्ती प्रक्रिया में रास्ता साफ, राज्य सरकार को मिली बड़ी सफलता
जयपुर, 14 नवंबर 2025
राजस्थान न्यायिक सेवा (RJS) 2024 प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर कुंजी के विवादित प्रश्नों से जुड़ा मामला आखिरकार समाप्त हो गया है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने उत्तर कुंजी के विवादित प्रश्नों को लेकर दायर सभी याचिकाओं को खारिज करने का आदेश दिया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू ने सुमित अग्रवाल सहित एक दर्जन से अधिक याचिकाकर्ताओं की याचिकाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि—
“विशेषज्ञ समिति की राय में अदालत के हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं है।”
5 प्रश्नों से जुड़ा है विवाद
यह पूरा मामला सिविल जज भर्ती 2024 से जुड़ा हुआ था।
याचिकाकर्ता अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में जारी अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती देते हुए आरोप लगाया था कि इसके पाँच प्रश्न (A-14, A-16, A-80, A-91 और A-92) को गलत तरीके से हटाया गया है।
वहीं याचिका में कहा गया कि कुछ प्रश्नों के उत्तर गलत संशोधित किए गए और त्रुटिपूर्ण उत्तर कुंजी से परीक्षा परिणाम प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुआ।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर विषय विशेषज्ञों की एक समिति गठित की गई थी, जिसने सभी आपत्तियों का गहन परीक्षण किया।
समिति ने पाँच प्रश्न हटाने और तीन प्रश्नों के उत्तर संशोधित करने की अनुशंसा की थी।
समिति की रिपोर्ट और अनुशंसा के बाद 15 जुलाई 2024 को अंतिम उत्तर कुंजी जारी की गई थी।
संदेह का आधार नहीं
राजस्थान हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर कुंजी में अदालत का हस्तक्षेप केवल तभी संभव है जब त्रुटि प्रत्यक्ष, स्पष्ट और बिना विवाद के दिखाई दे।
कोर्ट ने कहा कि उत्तर कुंजी से संबंधित प्रश्नों में “कल्पना, अनुमान या तर्क के आधार पर हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।”
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि विशेषज्ञ समिति की राय पर संदेह का कोई आधार नहीं है और चयन प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और विधिसम्मत रही।
कोर्ट ने कहा कि हटाए गए प्रश्नों पर बोनस अंक देने की मांग स्वीकार्य नहीं और इस मामले में किसी प्रकार की मनमानी, पक्षपात या दुर्भावना सिद्ध नहीं हुई।
अंततः कोर्ट ने सुमित अग्रवाल सहित सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई है।