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New Roster : Rajasthan Highcourt में जजों की बैठक व्यवस्था में बदलाव, जयपुर में सुनवाई कर रहे जज जोधपुर में करेंगे सुनवाई

Major Reshuffle in Rajasthan High Court: Judges Shift Between Jaipur and Jodhpur Benches After New Roster Order

जोधपुर, 21 नवंबर

राजस्थान हाईकोर्ट में लंबे समय बाद एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा द्वारा जारी नए रोस्टर में जजों की सिटिंग व्यवस्था पूरी तरह से बदली गई है.

इस निर्णय को राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.

गुरुवार को जारी आदेश के अनुसार अब जयपुर पीठ में कार्यरत कई जज जोधपुर मुख्यपीठ में और जोधपुर में सुनवाई कर रहे कई जज जयपुर पीठ में न्यायिक कार्य करेंगे.

यह व्यवस्था आगामी दिनों में लागू होगी और इसके तहत जजों के दायित्वों में भी बदलाव किया गया है।

जयपुर पीठ से जोधपुर भेजे गए जज

नए रोस्टर के अनुसार अब तक जयपुर पीठ में कार्यरत ये सभी न्यायाधीश अब जोधपुर में विभिन्न श्रेणियों के मामलों की सुनवाई करेंगे. 24 नवंबर से इस नए रोस्टर के अनुसार जोधपुर मुख्यपीठ में सुनवाई करेंगे.

जस्टिस इन्द्रजीत सिंह

जस्टिस प्रवीर भटनागर

जस्टिस भुवन गोयल

जस्टिस चन्द्रप्रकाश श्रीमाली

जस्टिस संजीत पुरोहित

जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू

जोधपुर से जयपुर पीठ में भेजे गए जज

इसी तरह, जोधपुर मुख्यपीठ में कार्यरत कई जजों को अब जयपुर पीठ में भेजा गया है, 24 नवंबर से इस नए रोस्टर के अनुसार जोधपुर मुख्यपीठ में सुनवाई करेंगे.

जस्टिस विनीत कुमार माथुर

जस्टिस संदीप तनेजा

जस्टिस बिपिन गुप्ता

जस्टिस रवि चिरानिया

जस्टिस अनुरूप सिंघी

जस्टिस संगीता शर्मा

ये न्यायाधीश जयपुर पीठ में सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई करेंगे।

न्यायिक प्रबंधन और कार्यक्षमता को लेकर बड़ा कदम

हाईकोर्ट प्रशासन के अनुसार यह बदलाव न्यायिक प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ करने तथा दोनों पीठों में लंबित मामलों के सुव्यवस्थित निस्तारण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है.

लंबे समय बाद दोनों पीठों के बीच इतनी बड़ी संख्या में जजों की अदला–बदली न्यायिक कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा और संतुलन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

नए रोस्टर से उम्मीदें

अधिवक्ताओं के अनुसार इस नए रोस्टर से दोनों पीठों में सुनवाई की गति बढ़ेगी, विशेषकर उन विषयों में जहां मामलों का दबाव अधिक है.

इससे न्यायिक वितरण और जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण में भी मदद मिलने की उम्मीद है।T

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