जयपुर, 9 दिसंबर
राजस्थान की धरती पर प्रतिष्ठा और गौरव का एक और उज्ज्वल अध्याय जुड़ा है.
जयपुर निवासी मास्टर आयांश सी. जैन, पुत्र एडवोकेट चारू जैन, को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन द्वारा न केवल अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक के रूप में प्रमाणित किया गया है, बल्कि उन्हें ब्रिटेन की संसद (UK Parliament) के हाउस ऑफ कॉमन्स में होने वाले विशेष सम्मान समारोह और लंच के लिए आमंत्रित भी किया गया है.
यूके संसद से मिला विशेष आमंत्रण
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से लॉर्ड रामी रेंजर ने मास्टर आयांश जैन को 12 दिसंबर 2025 को लंदन स्थित चर्चिल रूम, हाउस ऑफ कॉमन्स, में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा है.

यह आमंत्रण दुनियाभर की अत्यंत चुनिंदा व्यक्तियों को ही प्रदान किया जाता है, जो वैश्विक स्तर पर अद्वितीय उपलब्धियां हासिल करते हैं।
आमंत्रण पत्र में प्रवेश प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और औपचारिक ड्रेस कोड जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी शामिल हैं, जो यूके पार्लियामेंट के विशेष प्रोटोकॉल का हिस्सा हैं.
अंतरराष्ट्रीय संस्करण में शामिल-रिकॉर्ड-ब्रेकिंग काबिलियत का प्रमाण
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन द्वारा जारी कन्फर्मेशन लेटर और सर्टिफिकेट के अनुसार, मास्टर आयांश को R1 कैटेगरी में शामिल किया गया है.

यह कैटेगरी उन्हीं व्यक्तियों के लिए होती है जिन्होंने आधिकारिक तौर पर किसी रिकॉर्ड को स्थापित किया हो या फिर पहले से स्थापित रिकॉर्ड को तोड़ा गया हो.
रिकॉर्ड क्या है?
राजस्थान हाईकोर्ट की सम्मानित एडवोकेट चारू जैन के पुत्र आयांश जैन ने मात्र 3 वर्ष 4 माह की आयु में आंखों पर पट्टी बांधकर (blindfolded)
शैडो मैचिंग पज़ल्स को केवल 8 मिनट 48 सेकंड में हल कर किया हैं.
यह असाधारण संज्ञानात्मक क्षमता (Exceptional Cognitive Ability) उन्हें विश्व के सबसे कम उम्र के बच्चों की श्रेणी में एक विशिष्ट स्थान दिलाती है.
सर्टिफिकेट में यह उपलब्धि दर्ज की गई है और UID नंबर WIX83688 के साथ उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा प्रदान की गई है.
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने की प्रशंसा
मारस्ट आयांश जैन के लिए संगठन ने अपने पत्र में लिखा है कि यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि नवाचार, रचनात्मकता और वैश्विक सौहार्द को बढ़ावा देने वाली एक प्रेरक मिसाल भी है।

संस्था के सीईओ संतोष शुक्ला ने पत्र में मास्टर आयांश के भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनकी प्रतिभा की खुलकर प्रशंसा की.
अधिवक्ता परिवार के लिए गौरव का क्षण
मास्टर आयांश के मां चारू जैन राजस्थान हाईकोर्ट में सम्मानित अधिवक्ता हैं. वर्ष 2009 से चारू जैन राजस्थान हाईकोर्ट में वकालात कर रही हैं.
जयपुर के सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र के साथ ही अधिवक्ता समुदाय में भी आयांश की इस उपलब्धि की प्रशंसा की जा रही है.

इतने कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त कर आयांश ने कई बच्चों और अभिभावकों के लिए प्रेरणा का नया मार्ग प्रशस्त किया है।
कई अवार्ड के विजेता
मारस्टर आयांश जैन वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से पूर्व देश दुनिया के कई प्रतिष्ठित अवार्ड अपने नाम कर चुके हैं.
इसमें एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स अवार्ड और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स अवार्ड भी शामिल हैं.

मेहनत और गहरी एकाग्रता का परिणाम
आयांश की मां चारु जैन के अनुसार आयांश ने आंखों पर पट्टी बांधकर (Blindfolded) कुल 23 शैडो मैचिंग जिग्सा पज़ल्स (प्रत्येक में 2 पीस) को सिर्फ 11 मिनट 21 सेकंड में हल कर दिया.
यह उपलब्धि अपने आप में अभूतपूर्व है, जिसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने आधिकारिक रूप से मान्यता प्रदान की.
आयांश को इस उपलब्धि तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले एवेन कोच संस्था के निदेशक निशा पारिख और प्रवीण पारिख ने इस उपलब्धि को आयांश की निरंतर मेहनत और गहरी एकाग्रता का परिणाम बताया हैं.
आयांश अपने नाना विनोद कुमार जैन और नानी शोभा जैन को अपना प्रेरणा स्रोत मानते हैं.
आयांश की यह उपलब्धि देश के बच्चों और अभिभावकों के लिए भी प्रेरणादायक है, क्योंकि इतनी कम उम्र में ऐसा कौशल दिखाना अत्यंत दुर्लभ है।