जयपुर, 1 अक्टूबर
Rajasthan Highcourt में दुष्कर्म का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इसमें विवाहित महिला ने एक विवाहित पुरुष पर बंदूक की नोक पर रेप करने का मुकदमा दर्ज कराने के बाद आरोपी और अपने पति के साथ एक विवाह समारोह में भी शिरकत की।
रेप की घटना के बाद पीड़िता, आरोपी के साथ गुरुग्राम के जैनेसियस मॉल, पिज़्ज़ा गैलेरिया आदि कई जगहों पर खरीदारी करने भी गई।
जस्टिस शुभा मेहता की एकलपीठ ने आरोपी अजय तंवर को कई शर्तों के साथ अग्रिम जमानत देते हुए कहा कि इस मामले में गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है।
मामला भिवाड़ी के टपूकड़ा थाने से जुड़ा है। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 29-30 जून की रात अजय तंवर ने बंदूक की नोक पर उससे दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी।
घटना के बाद खरीदारी
सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने बताया कि कथित घटना के बाद पीड़िता आरोपी के साथ घूमी और उसके कार्ड से शॉपिंग भी की, जिसके प्रमाण पेश किए गए।
कथित घटना के बाद आरोपी की पत्नी और पीड़िता के बीच व्हाट्सएप चैटिंग भी हुई थी।
Rajasthan Highcourt ने आरोपी को अग्रिम जमानत देते हुए कहा कि पीड़िता के खरीदारी हेतु जाने तथा खरीदारी के वीडियो उपलब्ध हैं, जिनमें वह प्रसन्न नजर आ रही है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि बंदूक की नोक पर रेप की घटना के बाद भी पीड़िता, आरोपी के एटीएम/डेबिट कार्ड से अपने लिए खरीदारी कर रही थी।
न मेडिकल, न सबूत
Rajasthan Highcourt ने आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि जांच के दौरान पीड़िता ने घटना के समय के कपड़े पुलिस को नहीं दिए और न ही कोई मेडिकल जांच करवाई। घटना के बाद वह अपने पति के पास भी रही और उसके भी 10 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज करवाई।
घटना के समय 50 किलोमीटर दूर था आरोपी
जमानत याचिका में कहा गया कि आरोपी और पीड़िता दोनों विवाहित हैं और एक ही सोसायटी में रहते हैं।
घटना 29-30 जून 2024 की रात 12:30 बजे की बताई गई, जबकि एफआईआर 22 दिन बाद 22 जुलाई को दर्ज हुई, जिसका कोई संतोषजनक कारण नहीं दिया गया।
अधिवक्ता ने दावा किया कि घटना के समय आरोपी भिवाड़ी से 50 किलोमीटर दूर एक टोल नाके पर था, जिसकी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है।
पीड़िता ने किया विरोध
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पीड़िता और सरकारी वकील ने जमानत का कड़ा विरोध किया।
उन्होंने कहा कि केस डायरी और बयानों से स्पष्ट है कि अभियुक्त ने बंदूक की नोक पर दुष्कर्म किया और धमकियां दीं। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ पहले से दो आपराधिक मामले दर्ज हैं और फरारी का वारंट भी जारी हुआ था।
सशर्त जमानत
सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि अब आरोपी को गिरफ्तार करने और कस्टोडियल पूछताछ की आवश्यकता नहीं है।
Rajasthan Highcourt ने आदेश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में आरोपी को 1 लाख रुपये का निजी मुचलका और 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें पेश करने पर रिहा किया जाएगा।
साथ ही यह भी शर्त लगाई गई कि आरोपी बिना अदालत की अनुमति देश नहीं छोड़ेगा।