जयपुर/अजमेर। अजमेर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. योगेंद्र ओझा के नेतृत्व में सात सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल ने शनिवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा से मुलाकत की.
हाईकोर्ट जयपुर पीठ में हुई इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमण्डल ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को अधिवक्ताओं की लंबे समय से लंबित समस्याओं और सुविधाओं से जुड़ी 14 सूत्री मांग का प्रतिवेदन सौपा.
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अधिवक्ताओं से संबंधित विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए एक मांग-पत्र सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य न्यायाधीश को अवगत कराया कि अजमेर जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं को आधारभूत सुविधाओं, अधिवक्ता चैम्बर, पार्किंग, लाइब्रेरी, डिजिटल संसाधनों, सुरक्षा व्यवस्था और न्यायालयीन कार्यों से जुड़ी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इन समस्याओं के शीघ्र समाधान से न केवल अधिवक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि न्यायिक कार्य भी अधिक सुचारू और प्रभावी रूप से संपन्न हो सकेगा।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने भी प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वे स्वयं शीघ्र ही अजमेर का दौरा करेंगे तथा अधिवक्ताओं की समस्याओं का मौके पर आकलन कर उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था की मजबूती में अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनकी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में जिला बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जगत चौधरी, संदीप यादव, महासचिव रूपेंद्र परिहार, वरिष्ठ अधिवक्ता बसंत विजयवर्गीय, पूर्व उपाध्यक्ष सत्यनारायण हावा एवं एडवोकेट राहुल भारद्वाज शामिल रहे। सभी सदस्यों ने एक स्वर में अधिवक्ता हितों की रक्षा और न्यायालयीन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
डॉ. योगेंद्र ओझा ने कहा कि जिला बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।