जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) भर्ती परीक्षा 2024 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर राजस्थान हाईकोर्ट से आयोग को बड़ी राहत मिली है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा परिणाम को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए RPSC के पक्ष में फैसला दिया है।.
जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने सृष्टि जैन व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया हैं.
गौरतलब हैं कि इस सुनवाई के दौरान RPSC के मुख्य परीक्षा नियंत्रक व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित हुए।
कोर्ट ने इन-कैमरा सुनवाई करते हुए परीक्षा नियंत्रक द्वारा प्रस्तुत सीलबंद लिफाफे में उपलब्ध कराई गई उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन भी किया था.
एकलपीठ ने प्रारंभिक रूप से इस मामले को व्यापक जनहित से जुड़ा हुआ बताते हुए राज्य सरकार को वरिष्ठ स्तर पर पक्ष रखने के निर्देश दिए थे।
कोर्ट ने कहा था कि भर्ती परीक्षा से जुड़े मामलों का असर हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ता है, ऐसे में राज्य सरकार का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
RPSC का जवाब
आरपीएसी की ओर से अधिवक्ता एम एफ बैग ने अदालत को बताया कि भर्ती प्रक्रिया के नियमो के अनुसार 40 प्रतिशत न्यूनतम अंक आवश्यक थे और संपूर्ण प्रोसेस स्पष्ट और पारदर्शी रखा गया हैं.
याचिकाकर्ताओं की दलीलें
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने दलील दी कि APO भर्ती परीक्षा में अपनाया गया मूल्यांकन मापदंड मनमाना है और यह विज्ञापन में निर्धारित शर्तों एवं दिशानिर्देशों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया में समानता और पारदर्शिता का अभाव है।
याचिकाकर्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि उन्होंने अन्य समकक्ष परीक्षाओं में न्यूनतम अर्हता से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, जिससे उनकी तैयारी और योग्यता स्पष्ट होती है। इसके बावजूद उन्हें चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया, जो न्यायसंगत नहीं है।
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