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Rajasthan Highcourt : 29 अक्टूबर तक आसाराम का आरोग्यम अस्पताल में जारी रहेगा ईलाज, हाईकोर्ट ने दिए आदेश

Rajasthan Highcourt

जोधपुर, 14 अक्टूबर

गुजरात और राजस्थान में दुष्कर्म के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 86 वर्षीय आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से एक बार फिर अंतरिम राहत मिली है।

Rajasthan Highcourt ने आसाराम की याचिका पर सुनवाई करते हुए 29 अक्टूबर तक निजी अस्पताल आरोग्यम में ही उपचार जारी रखने का आदेश दिया है।

आसाराम की ओर से दायर इलाज संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।

सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत, धीरेन्द्र सिंह और प्रियंका बोराणा ने पैरवी करते हुए बताया कि आसाराम पिछले करीब 12 वर्षों से जेल में बंद हैं और वर्तमान में उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है।

अधिवक्ताओं ने कहा कि आसाराम को बेड पर रखा जा रहा है और पुलिस कस्टडी में उनका उपचार चल रहा है।

अधिवक्ताओं ने अनुरोध किया कि आसाराम की उम्र और जेल में बिताए समय को देखते हुए उन्हें खुली हवा की आवश्यकता है, इसलिए जेल से रिहा करने की प्रार्थना की गई है।

आसाराम की ओर से कहा गया कि उनकी उम्र और जेल में बीते लंबे समय को देखते हुए उन्हें खुली हवा और सामान्य माहौल की जरूरत है, जिससे वे कुछ और समय तक जीवित रह सकें।

वहीं, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी ने पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को तय की है।

Rajasthan Highcourt ने सरकार से जवाब तलब करते हुए निर्देश दिया है कि जब तक अगला आदेश नहीं आता, आसाराम को आरोग्यम अस्पताल में ही रखा जाए, जहाँ वह फिलहाल भर्ती हैं। हालांकि, अगर किसी आपात स्थिति या स्वास्थ्य संकट उत्पन्न होती है, तो आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।

गौरतलब है कि पहले भी आसाराम को इलाज के लिए अंतरिम राहत दी गई थी, लेकिन हाल ही में कोर्ट ने अंतरिम जमानत बढ़ाने से इंकार कर दिया था।

दो दिन में बिगड़ी थी तबीयत

आसाराम को पूर्व में लगातार उपचार के लिए अंतरिम राहत दी गई थी, लेकिन पिछले दिनों कोर्ट ने अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाने से इंकार कर दिया, जिसके बाद आसाराम ने सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया।

लेकिन दो दिन बाद ही तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आरोग्यम अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऐसे में आसाराम अब जेल और अस्पताल की बजाय खुली हवा में रहना चाहते हैं, जिसके लिए हाईकोर्ट में याचिका पेश की गई है।

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