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एडवोकेट दीपक चौहान पर हमले की खबर निकली पूरी तरह झूठी, निजी चैनल ने खबर चलाने वाले संवाददाता को हटाया, सोशल मीडिया से भी वीडियो डिलीट

Fake Attack News on Senior Advocate Deepak Chauhan Exposed, TV Channel Removes Reporter

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ और चर्चित अधिवक्ता दीपक चौहान पर हमले की खबर पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक साबित हुई है।

इस सनसनीखेज खबर के सामने आने के बाद न केवल राजस्थान बल्कि देशभर में अधिवक्ता समुदाय में हड़कंप मच गया था।

हालांकि, कुछ ही घंटों के भीतर खुद एडवोकेट दीपक चौहान ने सामने आकर इस खबर का स्पष्ट खंडन करते हुए इसे महज एक गफलत और गलत सूचना बताया।

जानकारी के अनुसार, सोमवार को राजस्थान के एक निजी टीवी चैनल “समाचार प्लस न्यूज” पर एडवोकेट दीपक चौहान पर कथित हमले की खबर प्रसारित की गई थी।

खबर में यह दावा किया गया कि किसी अज्ञात हमलावर द्वारा उन पर हमला किया गया है।

खबर के प्रसारित होते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और देखते ही देखते अधिवक्ता समुदाय, न्यायिक गलियारों और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई।

हाई प्रोफाइल अधिवक्ता होने के चलते बढ़ी चिंता

दीपक चौहान राजस्थान हाईकोर्ट के जाने-माने वकील हैं।

कई हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। ऐसे में हमले की खबर सामने आते ही उनके शुभचिंतकों, सहकर्मियों और परिजनों में चिंता का माहौल बन गया।

दीपक चौहान ने किया खंडन

एडवोकेट दीपक चौहान ने सार्वजनिक रूप से सामने आकर इस खबर को पूरी तरह निराधार बताया।

उन्होंने कहा कि उन पर किसी प्रकार का कोई हमला नहीं हुआ है और चैनल द्वारा चलाई गई खबर तथ्यहीन है।

उन्होंने इसे पत्रकारिता की बड़ी चूक बताते हुए कहा कि बिना पुष्टि ऐसी खबरें चलाना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि इससे व्यक्ति की सुरक्षा और सामाजिक छवि पर भी असर पड़ता है।

चैनल ने मानी गलती, रिपोर्टर को हटाने का दावा

खबर के खंडन के बाद समाचार प्लस न्यूज चैनल ने तुरंत कदम उठाते हुए न सिर्फ उक्त खबर को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाया, बल्कि खबर चलाने वाले संवाददाता को हटाने का दावा भी किया है।

चैनल की ओर से प्रसारित खबर में यह भी कहा गया कि आंतरिक जांच में यह सामने आया कि खबर बिना पर्याप्त पुष्टि के प्रसारित की गई थी।

इस पूरे मामले से जुड़ा एक अलग वीडियो भी चैनल के सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी किया गया, जिसमें खबर हटाने और रिपोर्टर पर कार्रवाई की जानकारी दी गई।

तथ्यों की पुष्टि करने की जरूरत

अधिवक्ता दीपक चौहान ने लॉज एंड लीगल्स से बातचीत करते हुए कहा कि किसी भी अधिवक्ता/ प्रोफेशनल पर हमले जैसी गंभीर खबर बिना ठोस तथ्यों और आधिकारिक पुष्टि के प्रसारित करना न केवल गलत सूचना फैलाता है बल्कि कानून-व्यवस्था से जुड़े तंत्र को भी अनावश्यक रूप से सक्रिय कर देता है।

अधिवक्ता दीपक चौहान ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि मीडिया को ब्रेकिंग न्यूज की होड़ में सच्चाई से समझौता नहीं करना चाहिए।

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