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राजस्थान हाईकोर्ट में केंद्र सरकार के पैनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति

Centre Appoints New Panel Counsels for Rajasthan High Court Jaipur & Jodhpur Benches

नई दिल्ली/जयपुर। केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर पीठ के लिए केंद्र सरकार की ओर से पैरवी करने के लिए पैनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति की हैं.

मंत्रालय के न्यायिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं को “सीनियर पैनल काउंसिल” तथा “सेंट्रल गवर्नमेंट काउंसिल” के रूप में नियुक्त किया गया है।

भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय, विधिक कार्य विभाग न्यायिक शाखा द्वारा जारी ​नियुक्ति आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इन अधिवक्ताओं की नियुक्ति की गई है।

यह नियुक्तियां राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ एवं जयपुर बेंच में केंद्र सरकार से संबंधित मुकदमों की पैरवी के लिए की गई हैं।

आदेश के अनुसार यह नियुक्तियां तीन वर्ष की अवधि अथवा अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगी।

जयपुर पीठ के लिए इनकी हुई नियुक्ति

जयपुर बेंच की सूची में जिन अधिवक्ताओं को सीनियर पैनल काउंसिल के रूप में नियुक्त किया गया है, उनमें मुकेश कुमार सिखवाल, अजय कुमार तनेजा, देवांग चतुर्वेदी, कपिल सिसोदिया, संजय शर्मा, पी.सी. शर्मा, अंकित सरीन, संजय मिश्रा तथा ललित शर्मा, प्रवीर शर्मा, उमेश कुमार वर्मा, संजीव कुमार सिंघल, उमेश कुमार शर्मा, उमाशंकर पाण्डे, हनुमंत सिंह राठौड़, शशिबाला जैन, रविन्द्र शर्मा, सुशील कुमार शर्मा शामिल हैं।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कुछ अधिवक्ताओं को पूर्व पैनल से अपग्रेड कर नई जिम्मेदारी दी गई है।

जयपुर बेंच में सेंट्रल गवर्नमेंट काउंसिल के रूप में योगेश्वर कृष्ण पुरोहित, मितेश अजमेरा, शांतनु जुगतावत, साकेत शर्मा, हिमांशु चेतानी, डॉ. टी.एन. शर्मा, अपूर्वा महर्षि, ऋषिपाल अग्रवाल, अभिषेक शर्मा, आयुष सिंह, दिवांशु गुप्ता, भारती चौल्हान, प्रज्ञा सेठिया, अनिमा चतुर्वेदी, डॉ. विनयकांत सक्सेना, नीलू शर्मा, पवन शर्मा, राजेन्द्र सिंह शेखावत, ओमप्रकाश मिश्रा, मुदिता शर्मा और आशीष शर्मा शामिल हैं।

जोधपुर मुख्यपीठ के लिए नियुक्ति

केन्द्र सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ के लिए कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं को सीनियर पैनल काउंसिल एवं सेंट्रल गवर्नमेंट काउंसिल नियुक्त किया है।

Senior Panel Counsel में विवेक माथुर, नवनीत सिंह बिर्ख, प्रकाश चौधरी, रवि किशन रावल, उत्तम सिंह राजपूत, पंकज अवस्थी, कमलेश रावल, तिरुपति चंद्रा शर्मा, देवकीनन्दन व्यास, डॉ. प्रतिष्ठा दवे, नृपेन शंकर आचार्य, आसकरण मारू, अक्षय शुक्ला, करनीदान सिंह चारण, गोपाल बोस, विवेक श्रीमाली नाम शामिल हैं।

वहीं सेंट्रल गवर्नमेंट काउंसिल के रूप में कार्तिक सिंह लोढ़ा, मनोज चौधरी, गिरिश जोशी, भरत बूब, विशाल ठाकुर, मुकेश रावल, जसराज सिंह, प्रज्ञा लखानी, देवेन्द्र खत्री, फाल्गुन बुच, जयदीप सिंह सलूजा, ब्रिजेश भिंतल, हिरेन पटेल, खुशबू पलासिया शामिल हैं।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से नियुक्त पैनल अधिवक्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।

ये अधिवक्ता हाईकोर्ट में केंद्र सरकार, उसके विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों की ओर से मुकदमों की पैरवी करते हैं।

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिन अधिवक्ताओं के नाम पहले से विभागीय पैनल में शामिल थे और अब उन्हें अपग्रेड या परिवर्तित श्रेणी में नियुक्त किया गया है, उनके पुराने आदेश स्वतः निरस्त माने जाएंगे। साथ ही, इन नियुक्तियों की शर्तें विभाग द्वारा पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों और कार्यालय ज्ञापनों के अनुसार लागू होंगी।

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