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जयपुर में CJI जस्टिस सूर्यकांत बोले-“मेरे नाम से नाइजीरिया में बन रही फर्जी साइट्स”, CM ने स्पेशल साइबर कोर्ट की घोषणा की

CJI Surya Kant Reveals Fake Websites Operating from Nigeria in His Name; Rajasthan CM Announces Special Cyber Court

रालसा की तीन दिवसीय राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन, दो दिन होंगे तकनीकी सत्रों के नाम

चार्ली टाक जयपुर। देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल दुनिया में अपराध अब एक संगठित और अंतरराष्ट्रीय रूप ले चुका है।

उन्होंने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह उनके नाम का दुरुपयोग कर फर्जी वेबसाइटें बनाई गईं और लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई।

हर दूसरे दिन मेरे नाम से नई साइट बन जाती है” – CJI का खुलासा

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत खुलासा करते हुए कहा कि “हर दूसरे दिन मेरे नाम से नई साइट बन जाती है”

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अपने संबोधन में कहा—

“मैं आपको अपना एक छोटा सा उदाहरण दे सकता हूं। लगभग हर दूसरे दिन मेरे नाम से एक नई वेबसाइट बन जाती है। मेरे कुछ शुभचिंतक मुझे मोबाइल पर संदेश भेजकर बताते हैं कि आपके नाम पर एक नई साइट बनाई गई है।” उन्होंने बताया कि हाल ही में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध उनकी कुछ तस्वीरों का उपयोग इन फर्जी वेबसाइटों पर किया गया और उन्हें इस तरह प्रस्तुत किया गया मानो वे आधिकारिक हों।

उन्होंने बताया कि हाल ही में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध उनकी तस्वीरों का उपयोग कर फर्जी साइट्स बनाई गईं और उन साइट्स से विभिन्न प्रकार के संदेश भेजे गए।

सीजेआई ने कहा,

उन्होंने खुलासा किया कि इन वेबसाइटों से अलग-अलग प्रकार के संदेश भी भेजे जा रहे थे।

“यह सब मैं व्यक्तिगत रूप से जानता हूं, क्योंकि यह मेरे साथ हुआ है,”

सबसे चिंताजनक बात तब सामने आई जब ऐसी ही एक फर्जी साइट से उनकी बहन और उनकी बेटी समान एक वकील को मैसेज भेजा गया। सौभाग्यवश संदेश की भाषा अनुचित नहीं थी, जिससे उन्हें संदेह हुआ और तुरंत साइबर क्राइम शाखा को सूचना दी गई।

जांच में सामने आया कि ये वेबसाइट्स नाइजीरिया से संचालित हो रही थीं। CJI ने कहा—

“यह इस अपराध की जटिलता है। साइबर क्राइम की कोई सीमा नहीं होती। जब तक हम सब मिलकर प्रयास नहीं करेंगे, तब तक इसका समाधान मुश्किल है।”

“डिजिटल अरेस्ट” डकैती का नया रूप

सीजेआई ने “डिजिटल अरेस्ट” को जबरन वसूली और डकैती का नया रूप करार दिया।

उन्होंने बताया कि उनके पास एक बुजुर्ग दंपती की शिकायत आई थी, जिनकी जीवनभर की कमाई एक ही मिनट में ठगी के जरिए लूट ली गई। इस मामले में उन्होंने स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान (सुओ मोटू) लिया और अभी भी इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि मैंने इस मामले में कई सख्त आदेश पारित किए हैं। इस समस्या को समाप्त करने के लिए न्यायपालिका हर संभव कदम उठाएगी।”

देशभर में बढ़ते साइबर अपराध के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आम नागरिकों से लगभग 55 हजार करोड़ रुपये की ठगी की जा चुकी है। “मैंने पिछली सुनवाई में भी ‘लूट’ शब्द का प्रयोग किया था। यह स्पष्ट रूप से जबरन वसूली और डकैती है। पैसा इसी तरह से लूटा जा रहा है,” उन्होंने दोहराया।

जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में देरी से पहुंचने पर सीजेआई ने खेद व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने राजस्थान में स्पेशल साइबर कोर्ट खोलने की घोषणा करने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया और कहा कि यह पहल साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

मुख्य न्यायाधीश के इन वक्तव्यों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि न्यायपालिका साइबर अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए तैयार है और डिजिटल ठगी के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए निर्णायक कार्रवाई करेगी।

कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) की ओर से “Cyber Safety: Awareness, Protection and Inclusive Access to Justice” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय साइबर सेफ्टी कॉन्फ्रेंस का भव्य शुभारंभ राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में हुआ।

राजधानी जयपुर में आयोजित तीन दिवसीय साइबर सिक्योरिटी सेमिनार के उद्घाटन समारोह में देश की न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े शीर्ष पदाधिकारी एक मंच पर नजर आए।.

समारोह में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री दियाकुमारी, प्रेमचंद बैरवा, विधि मंत्री जोगाराम पटेल सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट के जज, न्यायिक अधिकारी, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा विधि विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

राजस्थान में स्पेशल साइबर कोर्ट: CM का बड़ा ऐलान

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रदेश में विशेष साइबर कोर्ट की स्थापना की जाएगी।

उन्होंने कहा—

“भारत के मुख्य न्यायाधीश हमारे बीच उपस्थित हैं। मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि राजस्थान में साइबर अपराधों की रोकथाम और त्वरित सुनवाई के लिए स्पेशल साइबर कोर्ट स्थापित की जाएगी। कोई अपराधी बच नहीं पाएगा।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डिजिटल युग में अपराध की प्रकृति बदल चुकी है। अब अपराधी की कोई भौतिक पहचान नहीं होती, लेकिन कानून की पकड़ उससे भी तेज होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार साइबर अपराध की रोकथाम और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा“ अपराधी चाहे जमीन पर अपराध करे या डिजिटल दुनिया में, उसे सजा अवश्य मिलेगी,”

बम की धमकियों से बाधित हो रही न्यायिक प्रक्रिया

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के कार्यकारी अध्यक्ष Justice Pushpendra Singh Bhati ने कार्यक्रम में गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि अदालतों को बार-बार बम की धमकियां मिल रही हैं।

उन्होंने कहा—

“जिस तरह स्कूल में घंटी बजती है, उसी तरह हमें सूचना मिलती है कि बम की धमकी आई है। हम घंटों कोर्ट से बाहर रहते हैं। यह एक-दो बार नहीं, बल्कि 20–25 बार हो चुका है।”

उन्होंने बताया कि ये धमकी भरे ईमेल डमी सर्वर और विदेशी लोकेशन से भेजे जाते हैं, जिससे असली स्रोत तक पहुंचना लगभग असंभव हो जाता है।

“साइबर फ्रॉड दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था”

समारोह के संबोधन के दौरान जस्टिस पुष्पेन्द्रसिंह भाटी ने कहा कि साइबर फ्रॉड आज दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

जस्टिस भाटी ने आंकड़े पेश करते हुए कहा— साइबर फ्रॉड का वैश्विक कारोबार 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।

पिछले 5 वर्षों में देश में 65 लाख से अधिक साइबर अपराध दर्ज हुए हैं। आम नागरिकों से लगभग 55 हजार करोड़ रुपये की ठगी हुई है।

उन्होंने डिजिटल अरेस्ट जैसी नई प्रवृत्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पढ़े-लिखे और जागरूक लोग भी साइबर जाल में फंस रहे हैं।

टेक्नोलॉजी के साथ नहीं चले तो तकनीक हमें बहा ले जाएगी

दिव्यांग बच्चों को सम्मानित किया

कार्यक्रम के दौरान ‘उमंग 2.0’ के तहत प्रतियोगिता जीतने वाले दिव्यांग बच्चों को CJI ने सम्मानित किया।

उदघाटन समारेाह के पश्चात सीजेआई के साथ मुख्यमंत्री, दोनो उप मुख्यमंत्री और सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट जजों का एक ग्रुप फोटा भी किया गया

बार और बेंच के बीच गतिरोध के बीच CJI का दौरा

गौरतलब है कि CJI ऐसे समय जयपुर पहुंचे जब प्रदेश में प्रत्येक माह के दो शनिवार को कार्य दिवस घोषित करने के निर्णय को लेकर बार और बेंच के बीच मतभेद बना हुआ है। वकीलों ने विरोध स्वरूप कार्य बहिष्कार भी किया था।

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