जोधपुर, 3 अक्टूबर
Rajasthan Highcourt ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी द्वारा पेश कि गयी रिपोर्ट को कॉपी पेस्ट बताते हुए गंभीर नाराजगी जताई हैं.
जस्टिस विनीत कुमार माथुर व जस्टिस अनुरूप सिंघी ने अब इस मामले में अगली सुनवाई पर बालोतरा एसपी को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं.
Rajasthan Highcourt शुक्रवार को संतोष देवी की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई कर ही थी.
कॉपी पेस्ट कर रिपोर्ट पेश
सुनवाई के दौरान मामले के जांच अधिकारी पचपदरा पुलिस चौकी उपनिरीक्षक सुराराम अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी के साथ व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हुए.
सुराराम ने कोर्ट के 17 सितम्बर के आदेश की पालना में जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश की.
सुराराम द्वारा पेश कि गयी रिपोर्ट को देखते ही हाईकोर्ट ने हैरानी जताई कि 15 सितंबर को कोर्ट में पेश कि गयी रिपोर्ट की शुक्रवार की रिपोर्ट में हुबहू कॉपी पेस्ट कर दी गयी हैं.
Highcourt ने रिपोर्ट को देखकर कहा कि 15 सितंबर की रिपोर्ट को बिना पूर्ण विराम और अल्पविराम बदले ही कॉपी—पेस्ट कर दिया गया है.
पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल
Rajasthan Highcourt ने मामले में गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि जाँच एजेंसी अदालत के साथ छल करने की कोशिश कर रही है.
Rajasthan Highcourt ने कहा कि कॉपी पेस्ट कर रिपोर्ट पेश करने से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि पुलिस द्वारा कॉपर्स का पता लगाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है.
अदालत ने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई राजस्थान राज्य में पुलिस द्वारा कॉपर्स का पता लगाने के लिए की गई जांच के संबंध में गंभीर संदेह पैदा करती है.
जांच अधिकारी बदलने के आदेश
Rajasthan Highcourt ने इसे गंभीरता से लेते हुए बालोतरा एसपी को आदेश दिया कि वे मामले में दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई करे और मामले की जॉच के लिए सक्षम अधिकारी को नियुक्त करे.
इसके साथ ही बालोतरा एसपी को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से पेश होकर एक तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश कर बताना होगा कि वास्तव में क्या कॉपर्स का पता लगाने के लिए क्या प्रयास किए गए थे0
पुलिस अधीक्षक को इस मामले के एसआई के खिलाफ भी उचित कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए 15 पेश होने के आदेश दिए हैं.