जयपुर। जयपुर महानगर-द्वितीय की जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीटा तेजपाल मंगलवार को 30 साल की न्यायिक सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुईं।
करीब 30 वर्ष, 1 माह और 9 दिन के कार्यकाल के साथ सेवानिवृत्त हुईं जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीटा तेजपाल को इस मौके पर जिला न्यायाधीशों, न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं की ओर से सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
इस मौके पर सेशन कोर्ट महानगर-2 परिसर में विदाई समारोह का भी आयोजन किया गया।

समारोह में साथी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों एवं राजस्थान न्यायिक सेवा (आरजेएस) एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने रीटा तेजपाल को माला पहनाकर विदाई दी।
समारोह के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने रीटा तेजपाल का साफा पहनाकर, पुष्पमालाएं एवं गुलदस्ते भेंट कर सम्मान किया।
आरजेएस एसोसिएशन की ओर से भी उन्हें सम्मानित करते हुए उनके दीर्घ, निष्पक्ष एवं अनुकरणीय न्यायिक योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया।
अपने विदाई संबोधन में न्यायाधीश रीटा तेजपाल ने कहा कि वर्षों तक प्रतिदिन अपने सहयोगियों के साथ कार्य करने की जो आदत बनी थी, वह अब बदल जाएगी।

उन्होंने कहा कि, “मेरा गुरूर आप सभी लोग हैं। आप ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। जहाँ भी रहें, अपने न्यायिक कार्यों से अपनी अलग पहचान बनाएं और न्यायपालिका की गरिमा को सदैव बनाए रखें।”
उन्होंने अपने न्यायिक जीवन को याद करते हुए कहा कि राजस्थान हाई कोर्ट ने उन्हें अनेक अवसर दिए, जिससे उन्हें स्वयं को साबित करने का मौका मिला।
उन्होंने कहा कि वे न्यायपालिका, उच्च न्यायालय तथा अपने सभी सहयोगियों की सदैव आभारी रहेंगी।
विंटेज कार में विदाई
समारोह के उपरांत न्यायिक अधिकारियों ने उन्हें एक अनूठी एवं यादगार विदाई दी।
रीटा तेजपाल को विंटेज कार में बैठाकर ढोल-नगाड़ों की मधुर धुनों के बीच उनके सरकारी आवास तक सम्मानपूर्वक ले जाया गया।
इस दौरान बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी पैदल विंटेज कार के साथ चलते हुए उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।
विदाई समारोह में न्यायिक अधिकारी रेणुका हुड्डा, कविता राणावत, मनीषा सिंह, नीरजा दाधीच, राजेंद्र शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकिता सिंघल, पल्लवी शर्मा सहित अनेक न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता एवं न्यायालय कर्मचारी उपस्थित रहे।
