माह के प्रत्येक 2 शनिवार कार्यदिवस के मुद्दे पर जोधपुर-जयपुर के अधिवक्ता हुए एक, वर्ष 2026 के पहले कार्यदिवस 5 जनवरी को विरोध
जयपुर। जोधपुर हाईकोर्ट के बाद अब राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर पीठ में भी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।
राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर ने रविवार को आयोजित आपात बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि बार के सभी सदस्य 5 जनवरी 2026 को स्वेच्छा से न्यायिक कार्य से दूर रहेंगे।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल की अध्यक्षता और महासचिव दीपेश शर्मा सहित पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस बैठक में राजस्थान हाईकोर्ट में दो शनिवारों को कार्यदिवस घोषित किए जाने के फैसले का विरोध किया गया।

बार एसोसिएशन से कोई चर्चा नहीं
अध्यक्ष राजीव सोगरवाल और महासचिव दीपेश शर्मा का कहना है कि यह फैसला बिना बार से पूर्व परामर्श किए लिया गया, जबकि न्यायिक व्यवस्था के सुचारू संचालन में बार की सहभागिता और सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बैठक के बाद बार एसोसिएशन की ओर से जारी की गई सूचना में कहा गया है कि इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर की ओर से 19 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट प्रशासन को एक विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा गया था, लेकिन अब तक उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है और न ही बार से कोई संवाद किया गया है।
बार का आरोप है कि उनके सुझावों और आपत्तियों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया।
इसके साथ ही बार एसोसिएशन ने रात्रिकालीन अदालतों के प्रस्ताव पर भी गंभीर आपत्तियां जताई हैं।
फैसले से पूर्व मुल्याकंन जरूरी
बार का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में रात के समय अदालतों का संचालन व्यावहारिक नहीं है। इससे अधिवक्ताओं, पक्षकारों और कोर्ट स्टाफ की सुरक्षा, आधारभूत ढांचे, परिवहन, दूर-दराज से आने वाले पक्षकारों की पहुंच और समग्र न्यायिक प्रभावशीलता पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
बार के अनुसार, हाईकोर्ट प्रशासन को अधिवक्ताओं से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने से पूर्व बड़े स्तर पर मूल्यांकन करना चाहिए और सभी हितधारकों से परामर्श आवश्यक है।
बार ने कहा है कि बिना तैयारी और सहमति के लिए गए निर्णय न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय नई व्यावहारिक समस्याएं खड़ी कर सकते हैं।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से इन सभी मुद्दों को लेकर सोमवार 5 जनवरी 2026 को हाईकोर्ट की जयपुर पीठ में न्यायिक कार्य के बहिष्कार का निर्णय लिया गया है।

बार ने स्पष्ट किया है कि यह बहिष्कार शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा, ताकि प्रशासन का ध्यान अधिवक्ताओं की वास्तविक समस्याओं और चिंताओं की ओर आकर्षित किया जा सके।
गौरतलब है कि इससे पहले 3 जनवरी को जोधपुर हाईकोर्ट में भी अधिवक्ताओं ने इसी मुद्दे को लेकर विरोध दर्ज कराया है।
ऐसे में वर्ष 2026 के पहले ही कार्यदिवस पर राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्य पीठ और जयपुर पीठ में अधिवक्ताओं का न्यायिक कार्य बहिष्कार से शुरुआत होगी।