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फर्जी एनजीओ से रेस्क्यू किए लोगों को घर तक पहुँचाने का मिशन, रालसा ने प्रदेशभर में शुरू किया ‘मुक्ति अभियान’

Jaipur Rescue Case: RSLSA Begins Statewide Mukti Abhiyan Against Illegal Detention in Fake NGOs

जयपुर। राजधानी जयपुर के झोटवाड़ा थाना क्षेत्र स्थित एनजीओ ‘मेरी पहल’ के परिसर से अवैध रूप से कैद कर रखे गए 18 महिला-पुरुषों को सफल रेस्क्यू किए जाने की कार्रवाई की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA) के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने सराहना की है।

इस गंभीर मामले को देखते हुए कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के निर्देश पर अब पूरे प्रदेश में ‘मुक्ति अभियान’ शुरू करने का ऐलान किया गया है।

इस अभियान के तहत राजस्थान में संचालित तथाकथित एनजीओ, मुक्ति केंद्रों और पुनर्वास संस्थानों का गहन निरीक्षण किया जाएगा, ताकि कहीं भी अवैध रूप से लोगों को कैद कर रखने जैसी अमानवीय गतिविधियों को रोका जा सके और पीड़ितों को तत्काल मुक्त कराया जा सके।

गुरुवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रालसा के सदस्य सचिव डॉ. हरिओम अत्री ने इसकी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि बुधवार देर रात की गई कार्रवाई के बाद अब रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित रूप से उनके घरों तक पहुँचाने का भी एक विशेष मिशन शुरू किया गया है।

रेस्क्यू के बाद घर वापसी की पहल

बुधवार देर रात रेस्क्यू किए गए सभी पीड़ितों को गुरुवार सुबह रालसा मुख्यालय लाया गया, जहाँ उन्हें सम्मानपूर्वक बैठाया गया और उनकी आपबीती सुनी गई।

इस अवसर पर सदस्य सचिव डॉ. हरिओम अत्री के साथ रालसा के निदेशक नीरज भारद्वाज, जयपुर महानगर प्रथम एवं द्वितीय के जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सचिव पल्लवी शर्मा और पवन जीनवाल, उप सचिव अनुभूति मिश्रा तथा कोमल मोतियार भी मौजूद रहे।

मुलाकात के दौरान सदस्य सचिव ने रेस्क्यू किए गए लोगों को आश्वस्त किया कि उन्हें निःशुल्क उनके घरों तक पहुँचाया जाएगा और भविष्य में भी हरसंभव कानूनी व मानवीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

रालसा टीम ने की तत्काल आर्थिक मदद

रेस्क्यू किए गए लोगों की दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए रालसा की पूरी टीम ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए स्वेच्छा से 500-500 रुपये की राशि एकत्रित कर तत्काल सहायता प्रदान की।

पीड़ित प्रतिकर योजना से मिलेगी बड़ी सहायता

रेस्क्यू किए गए लोगों की मानसिक, शारीरिक और आर्थिक स्थिति को देखते हुए सदस्य सचिव डॉ. हरिओम अत्री ने इस संबंध में कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।

इस पर कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने निर्देश दिए कि इन सभी पीड़ितों को राज्य की पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत उचित और पर्याप्त मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।

इसके लिए जयपुर महानगर के दोनों जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सचिवों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।

साथ ही रेस्क्यू किए गए लोगों के चिकित्सकीय परीक्षण, काउंसलिंग, बैंक खाते खोलने और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने के प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं।

पूरे प्रदेश में चलेगा ‘मुक्ति अभियान’

इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने चिंता जताई है।

सदस्य सचिव डॉ. हरिओम अत्री ने कहा कि जब राजधानी जयपुर में ही एक एनजीओ में इस तरह के हालात सामने आए हैं, तो प्रदेश के अन्य हिस्सों में स्थिति और भी चिंताजनक हो सकती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए अब पूरे राजस्थान में विशेष ‘मुक्ति अभियान’ चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से अवैध रूप से कैद में रखे गए लोगों को मुक्त कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन की ओर लौटाया जाएगा।

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