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31 अगस्त को राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर पीठ में कई महत्वपूर्ण मामलों पर होगी सुनवाई

Rajasthan High Court Jaipur Bench to Hear Key Land Disputes on August 31

जयपुर राजघराने की करोड़ों की बेशकीमती जमीन और बूंदी की सैकड़ों बीघा भूमि से जुड़े मामलों पर रहेगी नजर

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ में 31 अगस्त को कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई प्रस्तावित है। इनमें जयपुर राजघराने से जुड़ी करोड़ों रुपये मूल्य की बेशकीमती जमीन का लंबे समय से लंबित मामला और बूंदी जिले में 300 बीघा से अधिक बेशकीमती भूमि से जुड़ा विवाद प्रमुख है। दोनों मामलों पर राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ के समक्ष सुनवाई होगी।

14 साल पुरानी अपील पर हाईकोर्ट पहले जता चुका है नाराजगी

जयपुर राजघराने से जुड़ी बेशकीमती जमीन के मामले में वर्ष 2012 से लंबित अपील पर बार-बार स्थगन और प्रभावी बहस नहीं होने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ पहले ही नाराजगी जता चुकी है। अदालत ने अपीलार्थियों को 20 हजार रुपये की लागत जमा कराने का आदेश देते हुए अंतिम अवसर दिया था।

मामले की सुनवाई जस्टिस चंद्र प्रकाश श्रीमाली की एकलपीठ के समक्ष हो रही है। यह अपील राजस्थान राज्य एवं मुख्य सचिव बनाम ब्रिगेडियर महाराजा सवाई भवानी सिंह एवं अन्य के बीच लंबित है।

9 जनवरी के आदेश के बावजूद नहीं हो सका मामले का निस्तारण

पिछली सुनवाई के दौरान सरकार और अपीलार्थियों की ओर से हलफनामा पेश कर अदालत को बताया गया था कि न्यायालय के निर्देशों की पालना की जा रही है, हालांकि कुछ बिंदुओं पर कार्रवाई अभी शेष है। इसके लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया गया था।

वहीं, राजपरिवार की ओर से इसका विरोध करते हुए कहा गया कि मामला लंबे समय से लंबित है और इसके निस्तारण में लगातार देरी हो रही है।

हाईकोर्ट ने इस पर स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा था कि अतिरिक्त समय देने का कोई उचित आधार नहीं है। अदालत ने उल्लेख किया कि 9 जनवरी 2026 को चार सप्ताह के भीतर मामले के निस्तारण के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद सुनवाई पूरी नहीं हो सकी।

20 हजार रुपये की लागत जमा कराने का आदेश

हाईकोर्ट ने अपील के वर्ष 2012 से लंबित होने और लंबे समय से निस्तारण नहीं होने पर गंभीरता जताई थी। अदालत ने अपीलार्थियों को एक और अवसर देते हुए 20 हजार रुपये की लागत जमा कराने का आदेश दिया था।

यह राशि एक सप्ताह के भीतर लिटिगेशन वेलफेयर फंड में जमा कर उसकी रसीद अदालत के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए गए थे।

अगली तारीख पर बहस नहीं हुई तो निस्तारण पर होगा विचार

16 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले को अगस्त माह में सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए थे। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया था कि अगली तारीख पर भी यदि अपीलार्थियों की ओर से प्रभावी बहस नहीं की जाती है तो न्यायालय मामले के निस्तारण के लिए आगे विचार करेगा।

अब 31 अगस्त को होने वाली सुनवाई में इस लंबे समय से लंबित विवाद की आगे की दिशा पर नजर रहेगी।

बूंदी में 300 बीघा से अधिक बेशकीमती भूमि का मामला भी सूचीबद्ध

वहीं, बूंदी जिले में करीब 300 बीघा से अधिक बेशकीमती भूमि से जुड़े मामले पर भी राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। यह मामला भी जस्टिस चंद्र प्रकाश श्रीमाली की एकलपीठ के समक्ष सूचीबद्ध है।

मामले को पहले 13 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन एकलपीठ ने सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की थी। अब इस महत्वपूर्ण भूमि विवाद को 31 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ में 31 अगस्त को होने वाली इन सुनवाइयों पर कानूनी जगत की नजर रहेगी, खासकर वर्षों से लंबित जयपुर राजघराने की जमीन से जुड़े विवाद में अदालत के अगले कदम को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।

ITAT रिश्वत कांड के दो आरोपियों की जमानत पर सुनवाई

देशभर में चर्चा में आए रिश्वत लेकर फैसले देने के तथाकथित आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT) से जुड़े बहुचर्चित रिश्वत कांड से जुड़े दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई होगी.

जस्टिस चन्द्रप्रकाश श्रीमाली की एकलपीठ इस मामले पर सुनवाई करेगी.

गौरतलब हैं कि इससे पूर्व इसी पीठ ने रिपोर्टेबल जजमेंट के जरिए सभी आरोपियों की जमानत याचिकाओं को खारिज किया था.

राजस्थान हाईकोर्ट ने 25 फरवरी को दिए अपने रिपोर्टेबल जजमेंट के जरिए स्पष्ट कहा कि प्रथम दृष्टया गंभीर आरोप और जांच में सामने आए तथ्यों को देखते हुए इस स्तर पर आरोपियों को राहत देना उचित नहीं है।

इस बहुचर्चित मामले में अधिवक्ता राजेन्द्र सिसोदिया और अधिकरण से जुड़ा अधिकारी कैलाशचन्द्र मीणा की जमानत याचिकाए सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं

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