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ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती में नियुक्तियां फिर अटकीं, 5 हजार पदों पर राजस्थान हाईकोर्ट की रोक जारी; बोर्ड को 2 हफ्ते में देना होगा जवाब

Rajasthan HC Extends Stay on 5,000 Grade III Teacher Appointments Over Answer Key Dispute

जयपुर। राजस्थान में ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती-2025 के लेवल-1 के सफल अभ्यर्थियों को अभी नियुक्ति के लिए और इंतजार करना होगा।

भर्ती परीक्षा के कुछ सवालों के जवाब को लेकर चल रहे विवाद में राजस्थान हाईकोर्ट ने नियुक्तियों पर लगी अंतरिम रोक जारी रखी है।

सुनवाई के दौरान कर्मचारी चयन बोर्ड यानी आरएसएसबी ने मामले में अपना जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा।

इस पर जस्टिस समीर जैन ने बोर्ड को जवाब के लिए दो सप्ताह का समय दिया और तब तक नियुक्तियां देने पर लगी रोक को बरकरार रखा।

दरअसल मामला करीब 5 हजार पदों पर होने वाली नियुक्तियों से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा के 17 सवालों के जवाबों पर आपत्ति जताई थी।

उनका कहना है कि सवालों को हटाने और उत्तरों में बदलाव का असर अभ्यर्थियों की मेरिट और कटऑफ पर पड़ सकता है।

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नियुक्तियों पर रोक जारी रखने की मांग

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि सवालों और उनके जवाबों से जुड़ा विवाद पूरी तरह साफ होने तक सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी जानी चाहिए।

अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने कहा कि अगर विवाद के बीच नियुक्तियां दे दी गईं और बाद में भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत पड़ी, तो स्थिति जटिल हो सकती है।

उनके मुताबिक, नियुक्ति के बाद अभ्यर्थियों के अधिकार बन जाएंगे।

ऐसे में बाद में भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करना या नियुक्तियों पर असर डालना आसान नहीं होगा।

इसी आधार पर याचिकाकर्ता की ओर से नियुक्तियों पर रोक जारी रखने की मांग की गई।

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17 सवालों के जवाब पर विवाद

याचिका में भर्ती परीक्षा के 17 सवालों को लेकर आपत्तियां उठाई गई हैं।

याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, इन आपत्तियों पर विचार के बाद बोर्ड ने 11 सवाल हटा दिए, जबकि बाकी सवालों के जवाबों को सही माना।

याचिका में दावा किया गया कि आपत्तियों का निस्तारण विषय विशेषज्ञ की राय लिए बिना किया गया।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सवाल हटने या किसी सवाल के सही उत्तर में बदलाव होने से अभ्यर्थियों के कुल अंकों पर असर पड़ सकता है।

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कटऑफ और मेरिट पर असर का तर्क

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में सवालों के बदलाव का सीधा असर कटऑफ और मेरिट लिस्ट पर पड़ने की बात कही है।

उनका तर्क है कि भर्ती में कुछ सवाल हटने के बाद सभी अभ्यर्थियों की गणना पर असर पड़ सकता है। ऐसे में नियुक्ति से पहले इस विवाद का निपटारा जरूरी है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नों को लेकर इसी तरह की आपत्तियां सामने आती रही हैं।

इसी आधार पर प्रश्नपत्र तैयार करने वाली कमेटी की जवाबदेही तय करने की मांग भी की गई है।

बोर्ड ने जवाब के लिए मांगा और समय

सुनवाई के दौरान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से मामले में जवाब पेश करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया।

हाईकोर्ट ने बोर्ड को दो सप्ताह का समय दिया है।

फिलहाल लेवल वन में सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने पर लगी रोक भी जारी रहेगी।

यानी दस्तावेज सत्यापन जैसी भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है, लेकिन नियुक्ति देने का अंतिम चरण फिलहाल रुका रहेगा।

17 जनवरी को हुई थी भर्ती परीक्षा

कर्मचारी चयन बोर्ड ने ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती लेवल वन के करीब 5 हजार पदों के लिए 6 नवंबर 2025 को विज्ञापन जारी किया था।

इसके बाद भर्ती परीक्षा 17 जनवरी 2026 को आयोजित की गई।

बोर्ड ने 15 जून को फाइनल आंसर-की जारी की थी। इसके बाद परिणाम जारी किया गया और सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई।

अब नियुक्तियों को लेकर मामला हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण सफल अभ्यर्थियों की नजर अगली सुनवाई पर है।

भर्ती पर अभी अंतिम फैसला नहीं

हाईकोर्ट ने फिलहाल भर्ती रद्द करने या परिणाम को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।

अभी कोर्ट के सामने विवादित सवालों और उनके जवाबों से जुड़ा मामला है। कर्मचारी चयन बोर्ड को दो सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करना होगा।

बोर्ड का जवाब आने के बाद कोर्ट यह देखेगा कि सवाल हटाने और उनके जवाब तय करने की प्रक्रिया में तय नियमों का पालन हुआ था या नहीं।

फिलहाल लेवल वन के करीब 5 हजार पदों पर नियुक्तियों पर रोक जारी रहेगी। अगली सुनवाई में बोर्ड का जवाब सामने आने के बाद मामले की आगे की दिशा तय होगी।

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