जयपुर, 20 फरवरी 2026। राजस्थान की राजधानी जयपुर आज से देश की न्यायिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रही है।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA) की ओर से 20 से 22 फरवरी तक “Cyber Safety: Awareness, Protection and Inclusive Access to Justice” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों, डेटा सुरक्षा और न्याय तक समावेशी पहुंच जैसे विषयों पर यह सम्मेलन व्यापक विमर्श का मंच बनेगा।

CJI और मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन
सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन आज शाम 6 बजे देश के मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant करेंगे। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
समारोह की अध्यक्षता Justice Sanjeev Prakash Sharma करेंगे, जो राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एवं RSLSA के कार्यकारी अध्यक्ष हैं।
उद्घाटन सत्र की शुरुआत दीप प्रज्वलन, अतिथियों के स्वागत और National Legal Services Authority (NALSA) के थीम सॉन्ग से होगी। समारोह में सुप्रीम कोर्ट तथा राजस्थान हाईकोर्ट के कई न्यायाधीश, विधि विशेषज्ञ, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और अभियोजन अधिकारी भी शामिल होंगे।
नई योजनाओं का शुभारंभ
उद्घाटन सत्र के दौरान RSLSA कई नई पहलों की शुरुआत करेगा। इनमें ऑनलाइन मध्यस्थता एवं लोक अदालत प्लेटफॉर्म का शुभारंभ, मध्यस्थता पर हैंडबुक का विमोचन और “महिला पंचायत PAN राजस्थान” की शुरुआत शामिल है, जो सामुदायिक स्तर पर विवाद समाधान को बढ़ावा देगी।
इसके साथ ही “लीगल सर्विसेज रेडी रेकनर 2026” का अनावरण, स्कूलों में कानूनी जागरूकता अभियान और साइबर जागरूकता हैंडबुक का विमोचन किया जाएगा। साइबर अपराध निवारण के लिए विशेष साइबर क्राइम रिड्रेसल यूनिट तथा साइबर प्रोटेक्शन स्कीम की भी घोषणा होगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राज्य में डिजिटल सशक्तिकरण और साइबर सुरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराएंगे, जबकि मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत अपने मुख्य वक्तव्य में डिजिटल युग में न्यायपालिका की भूमिका और तकनीकी नवाचारों की आवश्यकता पर प्रकाश डालेंगे।
दिव्यांग बच्चों को मिलेगा सम्मान
उद्घाटन समारोह में “RSLSA स्पोर्ट्स फॉर अवेयरनेस – उड़ान 2.0” कार्यक्रम के तहत आयोजित खेल प्रतियोगिताओं के विजेता दिव्यांग बच्चों को पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। यह पहल विधिक जागरूकता के साथ सामाजिक समावेशन का संदेश देगी।