जयपुर, 19 सितंबर।
राजस्थान हाईकोर्ट ने जूनियर अनुदेशक भर्ती (रोजगार कौशल प्रशिक्षण) 2024 से जुड़े एक अहम मामले में याचिकाकर्ता के पक्ष में अंतरिम राहत प्रदान करते हुए एक सीट आरक्षित रखने के आदेश दिए हैं.
जस्टिस मनीष शर्मा की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता दीपक कुशवाह की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिए हैं.
याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट सुमित जैन और चंद्रकांत चौहान ने पैरवी करते हुए अदालत को बताया कि कर्मचारी चयन बोर्ड ने 6 अगस्त 2025 को पारित आदेश में याचिकाकर्ता को इस आधार पर अयोग्य घोषित कर दिया कि उसके पास (TOT) लघु अवधि डिप्लोमा की योग्यता नहीं है.
राजस्थान में नहीं होई संस्था
याचिका में कहा गया कि उसके पास CITS डिप्लोमा है, जो कि TOT से उच्च स्तर की शैक्षणिक योग्यता मानी जाती है.
याचिका में कहा गया कि पूरे राजस्थान में DGT से मान्यता प्राप्त TOT कोर्स संचालित करने वाली कोई संस्था उपलब्ध नहीं है.
अधिवक्ता ने कहा कि विज्ञापन और भर्ती नियमों के अनुसार याचिकाकर्ता मेरिट में आता है और उसे नियुक्ति का वैध हक है.
बहस सुनने के बाद अदालत ने याचिकाकर्ता के लिए भर्ती में एक सीट सुरक्षित रखने का आदेश दिया है.