जयपुर, 26 सितम्बर।
Maya Bishnoi Paper Leak Case : जयपुर महानगर द्वितीय के एडीजे क्रम संख्या 1 के न्यायाधीश बी.एल. चंदेल की अदालत ने महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा 2018 से जुड़े पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी माया बिश्नोई की जमानत याचिका खारिज कर दी।
अदालत ने कहा कि इस मामले में आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और इस स्तर पर माया बिश्नोई को जमानत देना उचित नहीं है। अन्य अभियुक्तों की जमानत अर्जियों के अस्वीकृत होने का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि माया बिश्नोई का मामला भी उनसे अलग नहीं है।
पेपर लीक गैंग से संपर्क
राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड, जयपुर द्वारा महिला अधिकारिता सुपरवाइजर सीधी भर्ती 2018 के तहत 180 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी।
6 जनवरी 2019 को बीकानेर स्थित श्री रामसहाय आदर्श सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा केंद्र बनाया गया, जहाँ से प्रश्न पत्र लीक करने की साजिश रची गई।
जांच में सामने आया कि स्कूल संचालक दिनेश सिंह चौहान, तुलछाराम कालेर, पौरव कालेर और राजाराम उर्फ राजू मैट्रिक्स ने मिलकर पेपर लीक किया। ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए अभ्यर्थियों को उत्तर बताए गए, जिससे माया बिश्नोई (Maya Bishnoi Paper Leak Case) सहित कई उम्मीदवार सफल हुए।
आरोप है कि पेपर उपलब्ध कराने के बदले गिरोह ने लाखों रुपये वसूले। माया बिश्नोई के खाते में भी पेपर लीक गिरोह से जुड़ी राशि जमा कराई गई थी।
निर्दोष होने का दावा
जमानत याचिका में अधिवक्ता ने दलील दी कि माया बिश्नोई निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। गिरफ्तारी प्रक्रिया में भी कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं हुआ।
जमानत का विरोध
लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि माया बिश्नोई (Maya Bishnoi Paper Leak Case) का सीधा संबंध पेपर लीक गिरोह से पाया गया है। परीक्षा उत्तर पत्रकों में भी संदेहास्पद समानताएं मिली हैं।
अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माया बिश्नोई की जमानत याचिका खारिज कर दी।