जोधपुर, 25 सितम्बर।
राजस्थान हाईकोर्ट ने नर्सिंग ऑफिसर भर्ती 2023 से जुड़े विवादित मामले में याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है।
जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की एकलपीठ ने संजय कुमार और अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर अंतिम निर्णय होने तक भर्ती में 3 पद सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं।
नर्सिंग ऑफिसर भर्ती 2023 में शुरू में 7,020 पद रखे गए थे, जिन्हें बाद में बढ़ाकर 8,750 कर दिया गया।
याचिकाकर्ताओं ने अनुसूचित जाति और ओबीसी नॉन-क्रीमीलेयर श्रेणी में आवेदन किया था। मेरिट लिस्ट में उनके अंक कट-ऑफ से अधिक होने के बावजूद 24 मार्च 2025 को अंतिम परिणाम में उनका चयन नहीं किया गया।
विभाग ने याचिकाकर्ताओं के अनुभव प्रमाणपत्र को इस आधार पर अमान्य मानते हुए कि उन्हें वेतन एक ट्रस्ट से प्राप्त हुआ, न कि सीधे राज्य सरकार से, चयन से बाहर किया।
इस फैसले को याचिकाकर्ताओं ने राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी।
अधिवक्ता हिमांशु पारीक ने याचिका में पैरवी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता वर्ष 2019 से सरकारी स्वीकृत पदों पर कार्यरत हैं और कोविड-19 काल में भी जिला प्रशासन एवं सीएमएचओ द्वारा ड्यूटी पर लगाए गए थे। ऐसे में उनका अनुभव नकारना पूरी तरह मनमाना और असंवैधानिक है।
बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के लिए भर्ती के 3 पद आरक्षित रखने के आदेश दिए।
हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश से याचिकाकर्ताओं को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा।