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पाली में अधिवक्ताओं का महाकुंभ कल, प्रदेशभर के अधिवक्ता एक मंच पर होंगे एकजुट

Pali to Host Lawyers’ Maha Kumbh: Rajasthan Advocates Gather for Two-Day State Conference at Om Ashram
ऑल राजस्थान एडवोकेट फेडरेशन की दो दिवसीय राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस, अधिवक्ता हितों से जुड़े अहम मुद्दों पर होगा मंथन

जयपुर पाली। राजस्थान के विधि जगत के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। पाली में शनिवार से प्रदेशभर के अधिवक्ताओं का विशाल दो दिवसीय कॉन्फ्रेस का आयोजन होने जा रहा हैं.

ऑल राजस्थान एडवोकेट फेडरेशन के तत्वावधान में आयोजित होने वाली यह दो दिवसीय राज्य स्तरीय अधिवक्ता कॉन्फ्रेंस पाली-जाडन स्थित प्रसिद्ध ओम आश्रम में आयोजित होगी, जिसमें राजस्थान के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अधिवक्ता भाग लेंगे।

पाली अभिभाषक मंडल अध्यक्ष पी.एम. जोशी और सचिव मुकुल सोनी ने बताया कि सम्मेलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

प्रदेशभर से अधिवक्ताओं का पंजीकरण कराया गया है और सम्मेलन को लेकर अधिवक्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

आयोजकों के अनुसार यह कॉन्फ्रेंस अधिवक्ता समुदाय के लिए विचार-विमर्श और रणनीति तय करने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगी।

अधिवक्ता हितों पर होगा व्यापक मंथन

अध्यक्ष पी.एम. जोशी ने बताया कि इस राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस में अधिवक्ता वर्ग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी। इसमें अधिवक्ताओं के अधिकारों को मजबूत करने, उनके हितों की रक्षा करने तथा न्यायिक व्यवस्था में अधिवक्ताओं की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष मंथन होगा।

कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदेशभर के अधिवक्ता संगठनों के प्रतिनिधियों की एक विशेष सेमिनार भी आयोजित की जाएगी।

इस सेमिनार में अधिवक्ता हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें पारित किया जाएगा।

कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर होगी चर्चा

सम्मेलन में जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होने वाली है, उनमें प्रत्येक जिले से बार काउंसिल सदस्य का निर्वाचन, जिला स्तर के वरिष्ठ अधिवक्ताओं को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में ऐलीवेशन की व्यवस्था, अधिवक्ता वेलफेयर फंड में पारदर्शिता के साथ बढ़ोतरी तथा युवा अधिवक्ताओं को वेलफेयर फंड से स्टाइपेंड देने जैसे विषय शामिल हैं।

इसके अलावा टार्गेटेड केसों की प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक समस्याओं के समाधान, अधिकरणों और लोक अदालतों में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को सामाजिक प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त करने तथा प्रत्येक जिला मुख्यालय पर बार काउंसिल की शाखा स्थापित करने जैसे मुद्दों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार न्यायिक आदेशों के क्रियान्वयन में अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषय भी सम्मेलन के एजेंडे में शामिल हैं, जिससे न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिल सके।

प्रदेशभर से अधिवक्ताओं का पंजीकरण

सचिव मुकुल सोनी ने बताया कि सम्मेलन के लिए अधिवक्ताओं का ऑनलाइन पंजीकरण भी कराया गया है और प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने उत्साहपूर्वक अपना पंजीकरण कराया है। सम्मेलन में आने वाले अधिवक्ताओं के लिए आवास, भोजन, पंजीकरण और स्वागत सहित सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

तैयारियों में जुटा अधिवक्ता समुदाय

इस ऐतिहासिक अधिवक्ता महाकुंभ की तैयारियों में अभिभाषक मंडल के पदाधिकारियों और कई अधिवक्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई है। तैयारियों में पी.एम. जोशी, मुकुल सोनी, जब्बर सिंह, सुमेर सिंह, कमलेश दवेरा, योगेन्द्र ओझा, कुन्दन चौहान, विक्रम सिंह, सद्दाम काजी, प्रवीण साहू, सुरेश राजपुरोहित, मुकेश आर्य, दीपक सोनी, अल्ताफ हुसैन, अर्जुन राठौड़, उमेश सांखला, हिमांशु, गौरव, धीरेन्द्र सिंह मनिहारी, नवरतन चौहान, प्रियंका जोशी, कुसुमलता पंवार, मोनिका, डिम्पल और मोनिका पुरी सहित कई अधिवक्ताओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

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