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विवादों के बीच राजस्थान बार काउंसिल के चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न

Rajasthan Bar Council Elections Conclude Amid Controversies Across the State

जयपुर/जोधपुर। प्रदेश की सबसे बड़ी वकीलों की संस्था, राजस्थान बार काउंसिल (BCR) के चुनाव बुधवार को प्रदेशभर में कड़े सुरक्षा इंतजामों और भारी गहमागहमी के बीच संपन्न हो गए।

सुबह 8 बजे शुरू हुआ मतदान शाम 5 बजे तक चला, जिसमें अधिवक्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हालांकि कई स्थानों पर विवाद और हंगामे की खबरों ने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित भी किया।

जयपुर स्थित हाईकोर्ट परिसर के मतदान केंद्र पर कथित अनियमितताओं और फर्जी वोटिंग के आरोपों के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया।

यहां कुछ समय के लिए मतदान प्रक्रिया बाधित रही और बाद में चुनाव समिति ने जयपुर हाईकोर्ट के मतदान को निरस्त करने का निर्णय लिया।

इस घटनाक्रम के बाद प्रदेशभर में चुनाव की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे।

इसी तरह जोधपुर, श्रीगंगानगर और अन्य जिलों से भी चुनाव के दौरान बहस, नोकझोंक और आरोप-प्रत्यारोप की खबरें सामने आईं। कई प्रत्याशियों और उनके समर्थकों पर मतदान केंद्रों के अंदर प्रचार करने और मतदाताओं को प्रभावित करने के आरोप लगे।

गहमागहमी के बीच प्रदेशभर में 4 पोलिंग बूथ पर चुनाव रद्द किए हैं.

इसके बावजूद अधिकांश जिलों में शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न हुआ और बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

चुनाव अधिकारियों के अनुसार, कुल मतदान प्रतिशत संतोषजनक रहा है और मतगणना की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

जोधपुर लॉयर्स एसोसिएशन में भी शांतिपूर्ण संपन्न

जोधपुर लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर के चुनाव बुधवार को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो गए। सुबह 8 बजे शुरू हुआ मतदान निर्धारित समय तक जारी रहा और अधिवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

चुनाव अधिकारी डॉ. एकलव्य भंसाली के अनुसार, कुल 714 पंजीकृत मतदाताओं में से 579 अधिवक्ताओं ने मतदान किया, जो लगभग 81 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्शाता है। यह प्रतिशत अधिवक्ताओं के उत्साह और चुनाव के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है।

चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। लूणी के एसडीएम हसमुख पटेल की निगरानी में चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था के लिए एसएचओ दिलीप खदाव और उनकी टीम तैनात रही, जिन्होंने पूरे समय स्थिति पर नजर बनाए रखी।

चुनाव के दौरान एसेासिएशन के अध्यक्ष दीलीपसिंह उदावत और महासचिव अरुण झांझरिया सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता भी सक्रिय रूप से मौजूद रहे।

मतदान केंद्र पर अनुशासन और व्यवस्थाएं संतोषजनक रही, जिससे किसी प्रकार का विवाद या व्यवधान सामने नहीं आया

8 साल बाद हुए चुनाव

बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के इन चुनावों को लेकर इस बार विशेष उत्साह देखने को मिला, क्योंकि पहली बार महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षण लागू किया गया है। इससे महिला वकीलों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।

चुनाव परिणाम आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रदेश के अधिवक्ताओं की इस सर्वोच्च संस्था की बागडोर किन नए चेहरों के हाथों में जाएगी। फिलहाल, विवादों के बावजूद चुनाव प्रक्रिया पूरी होने से चुनाव समिति ने राहत की सांस ली है।

पुलिस में हुई शिकायत

राजस्थान बार काउंसिल के चुनाव के दौरान गंभीर अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। इस मामले में अधिवक्ता पूनमचंद भंडारी ने रा अशोक नगर थाने में शिकायत दी हैं.

शिकायत के अनुसार, मतदान प्रक्रिया निर्धारित समय पर शुरू नहीं हुई और मतदान केंद्र पर अव्यवस्था का माहौल रहा। आरोप है कि कई लोग खुलेआम मतपत्र लेकर घूम रहे थे, कुछ लोग टेबल पर ही बैलेट नंबर डाल रहे थे, जबकि कुछ मतदाता बूथ के अंदर जाकर दूसरों से मत डलवा रहे थे।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि मतदाताओं के पास मोबाइल फोन मौजूद थे, जबकि यह प्रतिबंधित था। उंगली पर लगाई गई स्याही भी तुरंत हटने की बात सामने आई है, जिससे फर्जी मतदान की आशंका जताई गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मतदान को बाद में निरस्त कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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