हाईकोर्ट ने कहा -केवल 180 में से 4 अभ्यर्थी सफल होना अपने-आप में असाधारण परिस्थिति है, जो मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है।
जयपुर। सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) भर्ती परीक्षा-2024 को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने एक अहम आदेश पारित करते हुए राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की मूल्यांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने प्रथम दृष्टया असामान्य परिणामों को देखते हुए RPSC को उत्तर पुस्तिकाएं और विस्तृत अंक तालिका कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने इसके साथ ही RPSC सचिव या उनके द्वारा प्राधिकृत किए गए अधिकारी को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं।
असाधारण परिस्थिति
राजस्थान हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि भर्ती और परीक्षा मामलों में न्यायिक समीक्षा का दायरा सीमित होता है, लेकिन यदि स्पष्ट मनमानी या न्यायसंगत कारण सामने आते हैं, तो हस्तक्षेप किया जा सकता है।
हाईकोर्ट ने कहा कि केवल चार अभ्यर्थियों का सफल होना अपने-आप में असाधारण परिस्थिति है, जो मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है।
उत्तर पुस्तिकाएं पेश करें
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर RPSC के सचिव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होने और आवश्यक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे।
कोर्ट में पेश हुए सचिव से तकनीकी कारणों (आवाज़ स्पष्ट न होना) के चलते संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिल सका।
जिसके बाद हाईकोर्ट ने विस्तृत जांच के लिए अगली सुनवाई में चयनित अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां, कम से कम 10 असफल अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं और याचिकाकर्ताओं द्वारा प्राप्त कुल अंकों की सारणीबद्ध जानकारी सीलबंद लिफ़ाफ़े में पेश करने का आदेश दिया है।
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अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले को 15 जनवरी 2026, दोपहर 2 बजे के लिए सूचीबद्ध किया है।
साथ ही हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि RPSC सचिव या उनके द्वारा नामित कोई सक्षम अधिकारी, जो मामले से भली-भांति परिचित हो, आवश्यक रिकॉर्ड और उत्तर पुस्तिकाओं के साथ अदालत में मौजूद रहें।