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लॉ स्टूडेंट को Rajasthan Highcourt से बड़ी राहत, Highcourt ने चौथे सेमेस्टर परीक्षा में बैठने की दी अनुमति

Rajasthan Highcourt

जयपुर, 29 अक्टूबर 2025।

Rajasthan Highcourt जयपुर पीठ ने डॉ. भीमराव अंबेडकर लॉ विश्वविद्यालय, जयपुर के एक छात्र को बड़ी राहत देते हुए चौथे सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी है।

जस्टिस संजीत पुरोहित की एकलपीठ ने यह आदेश बीए एलएलबी (इंटीग्रेटेड कोर्स) 2023–27 बैच के छात्र ऋषभदेव सिंह राठौर की याचिका पर दिया है।

डॉ. भीमराव अंबेडकर लॉ विश्वविद्यालय ने याचिकाकर्ता को द्वितीय सेमेस्टर की आंतरिक परीक्षा में अनुपस्थित रहने के आधार पर असफल घोषित किया था और इसके चलते चौथे सेमेस्टर की परीक्षा में बैठने से रोक दिया था।

परीक्षा कराए बिना आंतरिक मूल्यांकन

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रीना गुर्जर ने पैरवी करते हुए अदालत को बताया कि विश्वविद्यालय ने अपने ही दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है।

याचिका में कहा गया कि नियमानुसार 30 अंकों के आंतरिक मूल्यांकन में 15 अंक मध्य सत्र परीक्षा, 10 अंक प्रोजेक्ट या असाइनमेंट और 5 अंक प्रेजेंटेशन के लिए निर्धारित हैं, परंतु विश्वविद्यालय ने मध्य सत्र परीक्षा कराए बिना केवल एक ही दिन में वाइवा परीक्षा लेकर आंतरिक मूल्यांकन पूरा कर दिया।

याचिका में कहा गया कि बीमारी के कारण छात्र उस दिन परीक्षा में शामिल नहीं हो सका और उसने मेडिकल प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया, फिर भी विश्वविद्यालय ने उसे असफल घोषित कर दिया।

बाद में उसे तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल किया गया, जिसे उसने सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया।

हाईकोर्ट का आदेश

याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता छात्र को राहत देते हुए परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी।

Rajasthan Highcourt ने अपने आदेश में कहा कि यदि छात्र को चौथे सेमेस्टर की परीक्षा से रोका गया, तो उसका पूरा शैक्षणिक वर्ष नष्ट हो जाएगा, जबकि गलती विश्वविद्यालय की प्रक्रिया में प्रतीत होती है।

Rajasthan Highcourt ने आदेश दिया कि विश्वविद्यालय छात्र को 29 अक्टूबर से 13 नवंबर 2025 तक चल रही चौथे सेमेस्टर परीक्षा में बैठने की अनुमति दे और सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करे।

Rajasthan Highcourt ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्र की परीक्षा में उपस्थिति उसके पक्ष में कोई स्थायी अधिकार या इक्विटी उत्पन्न नहीं करेगी और उसका परिणाम अदालत की अनुमति के बाद ही जारी किया जाएगा।

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