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कहा कितने धार्मिक स्थल हटेंगे, देखिए सूची – राजस्थान हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

Rajasthan High Court Directs Removal of 2,216 Highway Encroachments Across the State

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ के ऐतिहासिक फैसले के अनुसार संपूर्ण राजस्थान के नेशनल और स्टेट हाईवे क्षेत्र में बने कुल 2216 मकान, दुकान, धार्मिक स्थल, विवाह स्थल से लेकर कॉम्पलेक्स तक हटाए जाएंगे।

राजस्थान हाईकोर्ट में सरकार द्वारा अतिक्रमण की जो सूची दी गई है, उसके अनुसार कुल 103 धार्मिक स्थल शामिल हैं। वहीं अतिक्रमण की सूची में 881 मकान और 1232 कॉमर्शियल दुकानें और प्रतिष्ठान शामिल हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार हटाए जाने वाले इन अतिक्रमणों की जिलेवार सूची इस प्रकार है

भरतपुर में सबसे ज्यादा धार्मिक स्थल

आंकड़ों के अनुसार राज्य में धार्मिक स्थलों के अतिक्रमण सबसे अधिक भरतपुर जिले में पाए गए हैं, जहां हाईवे क्षेत्र में 25 धार्मिक स्थल चिन्हित किए गए हैं।

इसके बाद जयपुर में 13, पाली में 10, सिरोही और टोंक में 9-9, जबकि ब्यावर और दौसा में 8-8 धार्मिक स्थल अतिक्रमण की श्रेणी में आए हैं। इन सभी को तय समय सीमा के भीतर हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

धौलपुर में टूटेंगे सबसे ज्यादा मकान

राज्यभर में चिन्हित 881 आवासीय अतिक्रमणों में सबसे अधिक धौलपुर जिले में 324 मकान हटाए जाएंगे।

इसके बाद भरतपुर में 212, दौसा में 70, करौली में 59, जयपुर में 56, ब्यावर में 38, नागौर में 34, कोटपुतली में 25, सिरोही में 17 और पाली में 14 मकानों को हटाने की सूची में शामिल किया गया है।

दौसा में सबसे ज्यादा दुकानें-होटल हटेंगे

राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब संपूर्ण राज्य में कुल 1232 होटल, ढाबे, दुकानें, मैरिज गार्डन सहित कॉमर्शियल प्रतिष्ठान हटाने होंगे

सरकार के दिए गए आंकड़ों के अनुसार सर्वाधिक व्यावसायिक दुकानें, होटल, ढाबे दौसा जिले के हाईवे में अतिक्रमण के रूप में पाई गई हैं

व्यावसायिक अतिक्रमणों की सूची में दौसा जिला सबसे ऊपर है, जहां 242 होटल, ढाबे, दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान हटाए जाएंगे।

इसके बाद जयपुर में 206, सिरोही में 177, पाली में 139, भरतपुर में 100, सीकर में 88, कोटपुतली में 30, धौलपुर में 29, चूरू में 28, उदयपुर में 27, जोधपुर में 24, अजमेर में 22, टोंक में 17 और बालोतरा में 15 व्यावसायिक प्रतिष्ठान अतिक्रमण के रूप में चिन्हित किए गए हैं।

हाईकोर्ट का स्पष्ट संदेश

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के ROW क्षेत्र को अतिक्रमण-मुक्त रखना सड़क सुरक्षा और यातायात सुगमता के लिए आवश्यक है।

अदालत ने प्रशासन को निर्देश दिया कि कार्रवाई कानूनन प्रक्रिया का पालन करते हुए तय समय में पूरी की जाए और इसकी प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए।

जनहित याचिका पर ​दिया फैसला

राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ में जस्टिस पुष्पेन्द्रसिंह भाटी और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने यह ऐतिहासिफ फैसला जोधपुर के चौपासनी निवासी हिम्मत सिंह गहलोत की ओर से दायर जनहित याचिका पर दिया हैं.

जनहित याचिका में वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश जोशी, रिषी सोनी और कामिनी जोशी ने  पैरवी करते हुए अदालत से हाईवे पर अतिक्रमण के चलते हो रहे हादसों को लेकर सरकार को आदेश देने का अनुरोध किया था.

राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला यहां से डाउनलोड किजिए:

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