जोधपुर, 10 नवंबर 2025
Rajasthan Highcourt, जोधपुर मुख्यपीठ ने व्यास मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, जोधपुर की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कॉलेज ने तकनीकी गड़बड़ी (technical glitch) के कारण आवेदन शुल्क जमा न हो पाने के बावजूद MBBS सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 करने की अनुमति मांगी थी.
Rajasthan Highcourt ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आवेदन की अंतिम तिथि (cut-off date) “पवित्र” मानी जाती है और तकनीकी चूक का हवाला देकर नियमों से छूट नहीं दी जा सकती।
अदालत ने कहा कि कॉलेज यह साबित नहीं कर सका कि उसके पास आवेदन के समय राशि उपलब्ध थी या उसने समय पर भुगतान का प्रयास किया था। अदालत ने यह भी माना कि कॉलेज ने “तकनीकी गलती” का बहाना बाद में बनाया और कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
Justice Sunil Beniwal की एकलपीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा—
“बिना निर्धारित शुल्क जमा किए आवेदन को वैध नहीं माना जा सकता। अंतिम तिथि के बाद कोई राहत नहीं दी जा सकती।”
कॉलेज की दलीलें
व्यास मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, जोधपुर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष शिशोदिया ने पैरवी करते हुए दलील दी कि तकनीकी समस्या के कारण भुगतान नहीं हो सका और कॉलेज के पास 200 सीटों के लिए आवश्यक ढांचा (infrastructure) मौजूद है।
अधिवक्ता ने कहा कि संस्थान ने ₹450 करोड़ का निवेश किया है और केवल तकनीकी गलती के कारण आवेदन अस्वीकार करना अनुचित है।
कॉलेज की ओर से बताया गया कि हाईकोर्ट ने 13 जून 2025 को अंतरिम आदेश में कॉलेज का डिमांड ड्राफ्ट स्वीकार करने और निरीक्षण कराने का निर्देश दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट तक चुनौती दी गई, परंतु कोई राहत नहीं मिली।
मेडिकल काउंसिल का पक्ष
याचिका का विरोध करते हुए NMC की ओर से अधिवक्ता आर.एस. सलूजा ने कहा कि इसी अवधि में देशभर के 169 कॉलेजों ने बिना किसी तकनीकी समस्या के आवेदन किया था।
अधिवक्ता सलूजा ने कहा कि व्यास कॉलेज ने भुगतान में देरी की और पहली बार समस्या को लेकर 30 जनवरी 2025 को जानकारी दी, जबकि अंतिम तिथि 18 जनवरी 2025 थी।
उन्होंने कहा कि यह “तकनीकी गड़बड़ी” नहीं, बल्कि कॉलेज की “तकनीकी चूक” थी।
ये हैं मामला
जोधपुर स्थित व्यास मेडिकल कॉलेज ने वर्ष 2024 में MBBS पाठ्यक्रम के लिए 100 सीटों की स्वीकृति प्राप्त की थी.
दिसंबर 2024 में नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने नए कॉलेजों की स्थापना और सीट वृद्धि के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे.
व्यास मेडिकल कॉलेज ने सीटें 100 से 200 करने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन ₹11.80 लाख का आवेदन शुल्क तकनीकी कारणों से जमा नहीं हो सका.
NMC ने बिना शुल्क के आवेदन को अस्वीकार कर दिया, जिसके खिलाफ कॉलेज ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.