जोधपुर, 16 सितम्बर
राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर शहर की सफाई व्यवस्था पर गंभीर रुख अपनाते हुए नगर निगम से इस मामले में विस्तृत कार्ययोजना पेश करने के आदेश दिए हैं.
हाईकोर्ट ने इस मामले में नगर निगम अधिकारियों को शपथपत्र के जरिए ये योजना पेश करने के आदेश दिए हैं.
जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश महेश गहलोत की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए.
सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने पेश होकर एक सप्ताह का समय मांगा, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया.
हाईकोर्ट ने निगम को समय देने के साथ ही स्पष्ट किया कि पेश कि जाने वाली योजना में ठोस अपशिष्ट व निर्माण मलबे के उठाव और निस्तारण की व्यवस्था अनिवार्य रूप से शामिल की जाए.
अदालत ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि याचिका भले ही लालसागर क्षेत्र को लेकर दायर हुई हैं, लेकिन पूरा जोधपुर शहर ही गंदगी और अव्यवस्थित सफाई व्यवस्था से जूझ रहा है.
हाईकोर्ट ने नगर निगम को यह बताने का आदेश दिया कि सफाई और कचरा निस्तारण के लिए कुल कितने अधिकृत कर्मचारी हैं और उनमें से कितने वास्तविक रूप से कार्यरत हैं।
साथ ही नगर निगम उत्तर व दक्षिण दोनों आयुक्तों से अलग-अलग शपथ पत्र पेश करने के आदेश दिए हैं.