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Rajasthan Highcourt:नकल से जुड़े आरोपियों को 2 माह तक रोजाना 2 घंटे सफाई, 10 लाख बैंक गारंटी और 40 लाख के बॉन्ड भरने की शर्त पर मिली जमानत

Rajasthan Highcourt

जयपुर, 24 अक्टूबर

Rajasthan Highcourt ने परीक्षा में नकल के आरोप में गिरफ्तार 8 युवकों को जमानत देते हुए कई सख्त शर्तें लगाई हैं।

जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने गंगानगर, जयपुर, झुंझुनू और अन्य जिलों के आरोपी 8 युवकों को जमानत मिलने के बाद स्वच्छ भारत अभियान के तहत अगले 2 माह तक लगातार प्रतिदिन दो घंटे श्रमदान करने की शर्त रखी है।

Rajasthan Highcourt ने इसके साथ ही जमानत के लिए प्रत्येक आरोपी को 10 लाख रुपये की बैंक गारंटी और 40 लाख रुपये का निजी मुचलका जमा कराने का आदेश दिया है।

Rajasthan Highcourt ने यह आदेश आरोपी याचिकाकर्ता अंकित कुमार, टिंकू चौधरी, मनीष कुमार, सुमित सिंह, बलबीर, कश्मीर झाझड़िया, दीपक कुमार और संदीप कुमार की याचिका पर दिया है।

बचाव पक्ष की दलील

याचिकाकर्ता आरोपियों की ओर से अधिवक्ता जसवंत सिंह राठौड़, अशोक चौधरी, प्रदीप मलिक, हरेन्द्र सिंह, राजेश गोस्वामी, दीपक चौहान, नवदीप सिंह, शिवकुमार और अनिरूद्ध सिंह ने पैरवी करते हुए अदालत को बताया कि सभी आरोपियों की उम्र 22 से 35 वर्ष के बीच है और वे अपने परिवारों के मुख्य कमाऊ सदस्य हैं।

बचाव में अधिवक्ताओं ने दलील दी कि आरोपियों की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है।

अधिवक्ताओं ने कहा कि चार्जशीट पेश की जा चुकी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद उन्हें न्यायिक हिरासत में रखा गया है।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और Rajasthan Highcourt के पिछले मामलों का हवाला देते हुए कहा कि समान परिस्थितियों में सह-आरोपियों को जमानत दी गई थी।

सरकार ने किया विरोध

आरोपियों की ओर से दायर जमानत याचिकाओं का राज्य सरकार की ओर से पीपी ऋषिराज सिंह राठौड़, अनिरुद्ध सिंह, संतोष कुमार विजय और अमिताभ विजयवर्गीय ने जमानत का विरोध किया।

सरकार की ओर से कहा गया कि यह मामला संगठित अपराध (Organized Crime) के तहत आता है, जिनमें आरोपियों ने मिलकर परीक्षाओं में नकल की है और हजारों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया है।

अधिवक्ताओं ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ भारी दंड और जुर्माना लग सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मामले में गंभीर जांच और सजा का प्रावधान है।

Highcourt का आदेश

दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने कहा कि इस मामले में सभी आरोपी युवा हैं और उनके पूरे भविष्य की संभावनाएं आगे हैं। इस मामले में चार्जशीट पेश की जा चुकी है और ट्रायल लंबा चल सकता है।

अदालत ने सुप्रीम कोर्ट और Rajasthan Highcourt द्वारा समान मामलों में सह-आरोपियों को जमानत मिलने का हवाला दिया।

Rajasthan Highcourt ने कहा कि स्वतंत्रता के अधिकार और हिरासत के बीच समानता है; जैसा कि “जमानत एक अधिकार है और जेल अपवाद है” में स्थापित है।

अदालत ने कहा कि राजस्थान राज्य बनाम बालचंद में न्यायिक सिद्धांत बताता है कि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी और हिरासत केवल विशेष परिस्थितियों में होनी चाहिए, जबकि जमानत सामान्यत: उसके अधिकार के रूप में दी जाती है।

सभी आरोपी युवा हैं और जनवरी 2025 से ही न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।

Rajasthan Highcourt ने सख्त शर्तों के साथ सभी आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

दो महीने तक सफाई का कार्य

Rajasthan Highcourt ने नकल के सभी 8 आरोपियों को सशर्त जमानत देते हुए प्रत्येक याचिकाकर्ता पर व्यक्तिगत रूप से 10 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा कराने का आदेश दिया।

इसके साथ ही प्रत्येक याचिकाकर्ता को जमानत मिलने की तारीख से दो महीने की अवधि के लिए स्वच्छ भारत अभियान में प्रतिदिन दो घंटे श्रमदान करना होगा।

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