जयपुर, 14 अक्टूबर
Rajasthan Highcourt की जयपुर पीठ ने सीकर जिले के खाचरियावास गांव में तोड़फोड़ की कार्रवाई पर बड़ी राहत देते हुए याचिकाकर्ताओं के मकानों को तोड़ने पर अंतरिम रोक लगा दी है।
जस्टिस अशुतोष कुमार की एकलपीठ ने यह आदेश देते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं की जाएगी।
याचिकाकर्ता चिरंजी लाल सोनी व अन्य की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सक्सेना ने पैरवी करते हुए कहा कि 7 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद, 9 अक्टूबर को संबंधित विभागों ने बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए उनके मकानों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी।
अधिवक्ता ने कहा कि इस कार्रवाई में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया है, जो Manoj Tibrewal Akash बनाम स्टेट ऑफ राजस्थान (2024 SCC OnLine SC 3210) केस में निर्धारित किए गए थे।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत खाचरियावास ने केवल एक सामान्य नोटिस जारी किया, और इस मामले में किसी भी व्यक्ति को व्यक्तिगत नोटिस नहीं दिया गया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, लोक निर्माण विभाग (PWD), राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और ग्राम पंचायत खाचरियावास को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं के मकानों को नहीं तोड़ा जाएगा।