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जालौर में कृषि भूमि के अधिग्रहण पर Highcourt की रोक, राज्य सरकार और आवासन मंडल से जवाब तलब

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जोधपुर, 11 अक्टूबर:

Rajasthan Highcourt ने जालौर जिले की प्रमुख आवासीय एवं कृषिगत भूमि के अधिग्रहण मामले में याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत देते हुए भूमि अधिग्रहण पर अगले आदेश तक रोक लगाई है और यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

Dr. Justice Nupur Bhati की एकलपीठ ने समर्था राम सहित आठ किसानों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए।

Highcourt ने मामले में राज्य सरकार और आवासन मंडल को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब पेश करने का आदेश दिया है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता श्रेयश रामदेव एवं तन्मय परमार ने पैरवी करते हुए अदालत को बताया कि सरकार ने याचिकाकर्ताओं की पुश्तैनी कृषि भूमि का अधिग्रहण कानूनसम्मत प्रक्रिया के विपरीत किया है।

अधिवक्ताओं ने कहा कि सरकार ने न तो अधिग्रहण से पूर्व उचित नोटिस दिया और न ही अवार्ड पारित होने के बाद मुआवजे की राशि निर्धारित की।

उन्होंने आगे कहा कि भूमि का एक भाग पहले से ही आवासीय उपयोग में है और वहां एक विकसित कॉलोनी भी मौजूद है। इसके बावजूद भूमि पर दीवार और सड़क निर्माण के आदेश जारी कर दिए गए, जो पूर्णत: अवैधानिक है।

दलीलें सुनने के बाद Highcourt की एकलपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार एवं आवासन मंडल को निर्देश दिया कि वे अगले आदेश तक विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखें।

Highcourt ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक विवादित भूमि पर कोई भी निर्माण या परिवर्तन नहीं किया जाए।

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