जयपुर। बहुप्रतीक्षित पशु चिकित्सा अधिकारी (Veterinary Officer) भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने परीक्षा को स्थगित करने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है।
अदालत के इस फैसले के बाद अब यह परीक्षा अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 अप्रैल 2026, यानी रविवार को ही आयोजित की जाएगी।
इस निर्णय ने उन हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर विराम लगा दिया है, जो परीक्षा तिथि आगे बढ़ाने की मांग को लेकर अदालत की शरण में पहुंचे थे।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि प्रशासनिक और कानूनी दृष्टि से इस स्तर पर परीक्षा टालना उचित नहीं है।
खंडपीठ ने एकलपीठ के फैसले पर लगाई मुहर
जस्टिस इन्द्रजीत सिंह और जस्टिस अशोक कुमार जैन की खंडपीठ ने एकलपीठ के फैसले पर मुहर लगाई। खंडपीठ ने पूर्व में एकलपीठ द्वारा दिए गए आदेश को बरकरार रखते हुए सभी याचिकाओं का निस्तारण कर दिया।
गौरतलब है कि इससे पहले 13 अप्रैल को एकलपीठ ने भी परीक्षा स्थगित करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने खंडपीठ में अपील दायर की थी, लेकिन उन्हें यहां भी राहत नहीं मिली।
खंडपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है और ऐसे में इसमें हस्तक्षेप करना न्यायसंगत नहीं होगा।
हालांकि हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को योग्यता और अनुभव से जुड़े बिंदुओं को एकलपीठ के समक्ष रखने की छूट दी है।
क्या थी याचिकाकर्ताओं की मांग?
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में यह दलील दी गई थी कि परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाई जाए। उनका कहना था कि योग्यता, अनुभव और अन्य तकनीकी पहलुओं को लेकर कई अभ्यर्थियों को आपत्ति है।
हालांकि अदालत ने इन बिंदुओं पर विस्तार से सुनवाई करते हुए यह कहा कि योग्यता और अनुभव से जुड़े मुद्दों पर याचिकाकर्ता एकलपीठ के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं, लेकिन परीक्षा को स्थगित करना उचित नहीं है।
इस प्रकार अदालत ने एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए परीक्षा प्रक्रिया को जारी रखने का रास्ता साफ किया, साथ ही याचिकाकर्ताओं को उनके अन्य अधिकारों के लिए मंच भी उपलब्ध कराया।
RPSC का पक्ष: पूरी तैयारी, अब बदलाव संभव नहीं
सुनवाई के दौरान राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से अधिवक्ता मिर्जा फैसल बेग ने प्रभावी पैरवी की और परीक्षा स्थगित करने का जोरदार विरोध किया।
अधिवक्ता बेग ने कहा कि परीक्षा में 5020 अभ्यर्थियों को पहले ही प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी किए जा चुके हैं और परीक्षा का पूरा शेड्यूल 22 जुलाई 2025 को घोषित किया गया था।
अधिवक्ता ने कहा कि राज्यभर में 20 परीक्षा केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं और सभी प्रशासनिक तथा सुरक्षा तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
अधिवक्ता ने यह भी कहा कि इस स्तर पर परीक्षा स्थगित करने से न केवल पूरी चयन प्रक्रिया बाधित होगी, बल्कि इससे प्रशासनिक अव्यवस्था भी उत्पन्न होगी।
वार्षिक कैलेंडर का हवाला
RPSC की ओर से यह भी दलील दी गई कि यह परीक्षा आयोग के वार्षिक कैलेंडर के अनुसार आयोजित की जा रही है।
यदि इस चरण पर परीक्षा टाली जाती है, तो इससे न केवल आगामी परीक्षाओं पर असर पड़ेगा, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में भी अनावश्यक देरी होगी।
अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए माना कि आयोग की प्रक्रिया सुव्यवस्थित और पूर्व निर्धारित है, जिसमें अंतिम समय पर बदलाव करना उचित नहीं होगा।
अभ्यर्थियों को बड़ा झटका
इस फैसले के बाद परीक्षा तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है।
कई अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी के लिए अतिरिक्त समय चाहते थे, लेकिन अब उन्हें निर्धारित तिथि पर ही परीक्षा में शामिल होना होगा।
हालांकि कुछ अभ्यर्थियों का मानना है कि परीक्षा समय पर होना चाहिए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में देरी न हो।
परीक्षा का महत्व
पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा राजस्थान के पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इस भर्ती के माध्यम से राज्य में पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। राजस्थान जैसे राज्य में, जहां पशुपालन बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका का साधन है, वहां इस तरह की नियुक्तियां अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं।
आगे क्या?
अब जब अदालत ने परीक्षा स्थगित करने से इनकार कर दिया है, तो सभी अभ्यर्थियों के लिए स्पष्ट है कि उन्हें 19 अप्रैल 2026 को होने वाली परीक्षा में शामिल होना ही होगा।
साथ ही, जो अभ्यर्थी योग्यता या अन्य मुद्दों को लेकर असंतुष्ट हैं, वे संबंधित कानूनी मंच पर अपनी बात रख सकते हैं।