जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने लॉ कॉलेज में एक छात्र की शिकायत और स्टूडेंट ग्रीवांस रिड्रेसल कमेटी (एसजीआरसी) के प्रभावी रूप से काम नहीं करने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जयपुर स्थित एस.एस. जैन सुबोध लॉ कॉलेज, उसके प्रिंसिपल और अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट के सामने दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि कॉलेज के प्रिंसिपल ने एक छात्र के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
साथ ही कॉलेज में अनिवार्य छात्र शिकायत निवारण समिति (स्टूडेंट ग्रीवांस रिड्रेसल कमेटी-एसजीआरसी) के प्रभावी रूप से काम नहीं करने का भी आरोप लगाया गया है।
राजस्थान हाईकोर्ट की जस्टिस शुभा मेहता की एकलपीठ ने छात्र दिव्यांश गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए चार सप्ताह में जवाब-तलब नोटिस जारी करने का आदेश दिया।

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क्या है पूरा मामला?
याचिका के अनुसार, दिव्यांश गुप्ता एस.एस. जैन सुबोध लॉ कॉलेज के छात्र रहे हैं। यह कॉलेज डॉ. भीमराव आंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी से संबद्ध है।
छात्र का आरोप है कि उसे कॉलेज के दीक्षांत समारोह (कॉन्वोकेशन) की जानकारी नहीं दी गई और न ही समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया।
छात्र का कहना है कि यह न केवल उसके अधिकारों का उल्लंघन है बल्कि उसके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार भी दर्शाता है।
जब उसने इस संबंध में कॉलेज के प्रिंसिपल से शिकायत की, तो प्रिंसिपल ने कथित तौर पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और धमकी दी।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
याचिका में कहा गया है कि छात्र ने इस घटना की शिकायत कॉलेज प्रबंधन और अन्य संबंधित अधिकारियों से की। उसने ई-मेल के जरिए भी पूरे मामले की जानकारी दी।
इसके बावजूद, उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और न ही उसे किसी तरह की सूचना दी गई। इसी के बाद छात्र ने राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
SGRC नहीं होने का भी उठाया मुद्दा
याचिका में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया है। छात्र का कहना है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के नियमों के अनुसार प्रत्येक लॉ यूनिवर्सिटी और लॉ कॉलेज में स्टूडेंट ग्रीवांस रिड्रेसल कमेटी (एसजीआरसी) का गठन होना अनिवार्य है।
बीसीआई के नियमों के मुताबिक, हर लॉ कॉलेज और लॉ यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर इस समिति की जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि छात्रों को शिकायत दर्ज कराने में कोई परेशानी न हो और छात्र जरूरत पड़ने पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि संबंधित कॉलेज में स्टूडेंट ग्रीवांस रिड्रेसल कमेटी (एसजीआरसी) प्रभावी रूप से काम नहीं कर रही थी। इसी वजह से उसकी शिकायत पर कॉलेज स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और उसे कोई राहत नहीं मिली।
कोर्ट ने जारी किया नोटिस
याचिका पर शुरुआती सुनवाई के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने मामले में नोटिस जारी कर दिया।
कोर्ट ने एस.एस. जैन सुबोध लॉ कॉलेज, उसके प्रिंसिपल और अन्य संबंधित पक्षों से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। इसके साथ ही याचिकाकर्ता को नियमानुसार नोटिस की प्रतियां दाखिल करने का भी निर्देश दिया गया है।